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RSS के खिलाफ कमेंट करने पर प्रियांक खरगे को समन, 21 जुलाई तक देना होगा जवाब

 Reported By: T Raghavan Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 29, 2026 01:59 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 01:59 pm IST

प्रियांक खरगे अक्सर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ टिप्पणी करते रहे हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ समन जारी किया गया है। शिकायत करने वाले व्यक्ति का आरोप है कि खरगे ने संघ की बदनामी करने की कोशिश की है।

Priyank Kharge- India TV Hindi
प्रियांक खरगे Image Source : PTI

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे और यूथ कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाड को आरएसएस के खिलाफ टिप्पणी करने पर समन जारी किया गया है। बेंगलुरु की एक अदालत ने 27 जून को समन जारी कर 21 जुलाई तक जवाब मांगा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ प्रियांक की टिप्पणियों को लेकर आपराधिक मानहानि की शिकायत की गई थी। इसी शिकायत पर सुनवाई के बाद कोर्ठ ने समन जारी किया है।

एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संदीप पाटिल ने माना कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि के अपराध के लिए प्रियांक खरगे और नलपाड के खिलाफ मामला बनता है।

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "आरोपी नंबर 1 प्रियांक खरगे और 3 मोहम्मद नलपाड के खिलाफ BNS, 2023 की धारा 356 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान लिया गया है। कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि वह इस मामले को आपराधिक मामले के तौर पर दर्ज करे और आरोपी नंबर 1 और 3 को समन जारी करे, जिसका जवाब 21 जुलाई, 2026 तक आना चाहिए।" हालांकि, कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव के खिलाफ कार्यवाही करने से इनकार कर दिया।

अक्टबूर 2025 के बयान पर दर्ज हुआ केस

बेंगलुरु के रहने वाले और आरएसएस कार्यकर्ता ए. तेजस ने ये याचिका दर्ज की थी, उनका आरोप है कि आरोपियों ने अक्टूबर 2025 में आरएसएस और उसके सदस्यों को निशाना बनाते हुए कई अपमानजनक बयान दिए। शिकायत के अनुसार, मंत्री रहते हुए प्रियांक खरगे ने 4 अक्टूबर, 2025 को कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर मांग की थी कि आरएसएस को सरकारी खेल के मैदानों, स्कूलों और कॉलेजों का इस्तेमाल करने से रोका जाए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पत्र जानबूझकर मीडिया को जारी किया गया और संगठन की बदनामी करने के मकसद से खरगे के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया।

शिकायत में सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र

शिकायत में पिछले साल 13 और 14 अक्टूबर को खरगे द्वारा किए गए कथित सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया गया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया था, "आरएसएस सदस्य से कभी दोस्ती न करें। सिर्फ दोस्त ही नहीं, भले ही वह आपका परिवार का सदस्य हो। वे असल में दुर्व्यवहार करने वाले लोग होते हैं।" अदालत ने मंत्री प्रियांक खरगे और यूथ कांग्रेस नेता मोहम्मद नलपाड से 21 जुलाई तक जवाब मांगा है। हालांकि, जब गृह मंत्री प्रियांक खरगे से इस अदालती कार्यवाही के बारे पूछा गया तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।

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