चुनाव आयोग ने अब जारी किया SSR 2027 का शेड्यूल, वोटर लिस्ट रिवीजन का पूरा प्लान
Reported By : Shoaib Raza,
Written By : Subhash Kumar,
Published : Oct 15, 2026 09:05 pm IST,
Updated : Oct 15, 2026 09:09 pm IST
भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को क्वालिफाइंग डेट मानकर Special Summary Revision (SSR) का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ECI ने वोटर लिस्ट के रिवीजन का पूरा प्लान तैयार किया है।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को 17 राज्यों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) 2027 का ऐलान कर दिया है। दी गई जानकारी के अनुसार, ड्राफ्ट लिस्ट 12 नवंबर को आएगी और फाइनल लिस्ट 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी। SIR वाले राज्यों के लिए शेड्यूल बाद में आएगा। जानकारी के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को क्वालिफाइंग डेट मानकर SSR का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
चुनाव आयोग ने क्या बताया?
चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में कहा- "जैसा कि आप जानते हैं, आयोग ने 29.09.2026 को छूटे हुए / युवा / पहली बार योग्य मतदाताओं के नामांकन के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे। अब, 1 जनवरी, 2027 को क्वालिफाइंग डेट मानकर योग्य मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए, साथ ही 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर, 2027 की आगामी तीन क्वालिफाइंग डेट के लिए एडवांस आवेदन लेने के लिए, आयोग निर्देश देता है कि उपरोक्त राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूदा वोटर लिस्ट का जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत 01.01.2027 को क्वालिफाइंग डेट मानकर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) किया जाए, जिसमें वे राज्य भी शामिल हैं जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में जहां SIR चल रहा है या अभी-अभी पूरा हुआ है (जैसे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना), SSR का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। साथ ही, 3 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों - हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख, जहां SIR अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां मौसम की स्थिति को देखते हुए रोल रिवीजन का शेड्यूल नियत समय में घोषित किया जाएगा।"
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण / पुनर्व्यवस्था- 02.11.2026 तक
- एकीकृत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन- 12.11.2026
- दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अवधि- 12.11.2026 से 11.12.2026
- दावे-आपत्तियों का निपटारा- 28.12.2026 तक
- अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन- 04.01.2027
चुनाव आयोग ने कहा है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत, वोटर लिस्ट को तैयार करने, पुनरीक्षण और सुधार करने में लगा कोई भी अधिकारी चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर माना जाएगा और जिस अवधि के दौरान वह इस काम पर तैनात है, उस दौरान वह चुनाव आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन रहेगा। बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने SIR पर सियासी घमासान के बीच एक्शन तेज कर दिया है और कटे नाम जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है।
मुख्य सचिवों को निर्देश
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि CEO, DEO, ERO, AERO, BLO सुपरवाइजर और BLO सहित वोटर लिस्ट के काम में लगे सभी अधिकारियों को पर्याप्त मैनपावर और संसाधन दिए जाएं। SSR अवधि के दौरान कोई भी DEO/ERO/AERO का पद खाली नहीं रहेगा। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन से लेकर फाइनल रोल के प्रकाशन तक SSR से जुड़े किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं होगा। यदि ट्रांसफर जरूरी हुआ तो पूरा कारण बताते हुए प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग को भेजना होगा।
कोई भी योग्य नागरिक न छूटे
संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में जुड़ने से न छूटे और कोई अयोग्य व्यक्ति न जुड़े। संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 और 19 के तहत हर योग्य व्यक्ति को मतदाता बनाया जाएगा। ERO इन लोगों से अधिकतम आवेदन लेना सुनिश्चित करेगा-:
a) सभी अन-एनरोल्ड योग्य नागरिक (जो 01.10.2026 या उससे पहले योग्य हैं)
a) सभी अन-एनरोल्ड योग्य नागरिक (जो 01.10.2026 या उससे पहले योग्य हैं)
b) सभी संभावित मतदाता (जो 01.01.2027 तक योग्य हो रहे हैं)
c) अगले तीन क्वालिफाइंग डेट- 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 पर योग्य होने वाले संभावित मतदाता
पोलिंग स्टेशन का युक्तिकरण और नया गठन
a) पोलिंग स्टेशन का युक्तिकरण पोलिंग स्टेशन लोकेशन और वोटर लिस्ट के 100% फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही किया जाएगा।
b) ERO यह आकलन करेगा कि किसी भी पोलिंग स्टेशन पर 1200 से ज्यादा मतदाता न हों, आयोग की पूर्व अनुमति के बिना। नया पोलिंग स्टेशन तभी बनेगा जब बगल के पोलिंग स्टेशनों के सेक्शन को इस तरह rationalize किया जाए कि एक ही लोकेशन पर मतदाताओं का बंटवारा बराबर हो। पोलिंग स्टेशन का क्षेत्र इस तरह परिभाषित किया जाए कि किसी दूसरे पोलिंग स्टेशन से ओवरलैप न हो। मतदाता को अपने पोलिंग स्टेशन तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से ज्यादा यात्रा न करनी पड़े और कोई प्राकृतिक बाधा पार न करनी पड़े। पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर / रोड एंट्री लेवल पर होना अनिवार्य है।
c) हाई-राइज / ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी / RWA कॉलोनी जिनमें ग्राउंड फ्लोर पर कॉमन फैसिलिटी एरिया / कम्युनिटी हॉल है और शहरी क्षेत्रों के स्लम क्लस्टर में नए पोलिंग स्टेशन बनाने के लिए व्यापक सर्वे किया जाए।
फैमिली ग्रुपिंग का ध्यान रखा जाए
नया पोलिंग स्टेशन बनाते या पुराने को री-ऑर्गनाइज करते समय ERO यह सुनिश्चित करेगा-:
1. एक ही दरवाजा / फ्लैट नंबर पर रहने वाले परिवार को तोड़ा न जाए, परिवार के सभी सदस्य एक ही सेक्शन और एक ही पोलिंग स्टेशन में रखे जाएं।
2. जहां तक संभव हो, एक ही बिल्डिंग में रहने वाले मतदाता एक ही पार्ट में हों।
3. जहां तक संभव हो, एक ही गली / कॉलोनी में रहने वाले मतदाता एक ही पार्ट में हों।
k, l, m, n. BLO की जिम्मेदारी
सभी BLO यह जांच करेंगे कि सभी मतदाताओं की फोटो सही है। धुंधली, खराब क्वालिटी या गलत फोटो को हटाकर नई स्टैंडर्ड फोटो ली जाए। इसके लिए फॉर्म-8 में आवेदन और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट लेना जरूरी होगा। साथ ही डुप्लीकेट एंट्री, मृत मतदाता और स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 के जरिए हटाए जाएंगे। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन से पहले लगातार अपडेट के दौरान मिले सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा करना होगा।
दावे और आपत्तियां
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के नोटिस (फॉर्म-5) के साथ ERO 01.01.2027 को क्वालिफाइंग डेट मानकर दावे आमंत्रित करेगा। इसमें अगले तीन क्वालिफाइंग डेट 01.04.2027, 01.07.2027 और 01.10.2027 के लिए फॉर्म-6 या 6A में दावे, नए नाम जोड़ने / नाम हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 में, और निवास स्थानांतरण / प्रविष्टि सुधार / EPIC रिप्लेसमेंट / PWD मार्किंग के लिए फॉर्म-8 में आवेदन लिया जाएगा।
दावे-आपत्ति के फॉर्म
- फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए आम मतदाता द्वारा।
- फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले ओवरसीज मतदाता द्वारा नाम जोड़ने के लिए।
- फॉर्म-7: मौजूदा लिस्ट से नाम हटाने या प्रस्तावित नाम पर आपत्ति के लिए, जो उसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता ही कर सकता है।
ये भी पढ़ें- वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो फिर मिलेगा मौका! यूपी में 2 करोड़ से ज्यादा वोटरों की होगी जांच