1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. सनातन पर विवादित बयान पड़ा भारी, उत्तर प्रदेश में स्टालिन और प्रियंक खरगे पर दर्ज हुआ केस

सनातन पर विवादित बयान पड़ा भारी, उत्तर प्रदेश में स्टालिन और प्रियंक खरगे पर दर्ज हुआ केस

उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन पर विवादित बयान के खिलाफ संत समाज से लेकर विभिन्न संगठनों ने रोष जताया है। अब मामले में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।

 Priyank Kharge AND  Udhayanidhi Stalin- India TV Hindi
Image Source : PTI उदयनिधि स्टालिन व प्रियंक खरगे

सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी करना तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन को भारी पड़ रहा है। विभिन्न राज्यों में स्टालिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज होने लगी है। वहीं, उनका समर्थन करते हुए विवादित बयान देने वाले प्रियंक खरगे भी कानूनी पेंच में फंस गए हैं। स्टालिन ने सनातन की तुलना मलेरिया, डेंगू और कोरोना वायरस से करते हुए इसे नष्ट करने की अपील की थी। इस बयान के खिलाफ स्टालिन पर अब उत्तर प्रदेश में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

यहां दर्ज हुआ केस
सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के रामपुर में तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकीलों की शिकायत के बाद दोनों नेताओं पर आईपीसी की धारा 153ए, 295ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उदयनिधि के खिलाफ इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल की ओर से दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला?
तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को मलेरिया, डेंगू और कोरोना वायरस की तरह बताया था। उन्होंने कहा था कि इन चीजों का विरोध नहीं बल्कि इन्हें खत्म कर देना चाहिए। वहीं, प्रियंक खरगे ने कहा था कि कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता या आपके साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता वह बीमारी के समान ही है।

कांग्रेस ने क्या कहा?
उदयनिधि स्टालिन के बयान पर कांग्रेस ने कहा था कि सर्वधर्म सम्भाव कांग्रेस की विचारधारा है। हालांकि, उन्होंने दूसरी लाइन में ही ये भी कह दिया कि सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात कहने का हक है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी ने कहा, “हर धर्म की अलग-अलग भावनाएं होती हैं। भारत के मूल में ही अनेकता में एकता है। हमें ऐसे किसी भी मामले में शामिल नहीं होना चाहिए जिससे लोगों के एक वर्ग को ठेस पहुंचे।"

ये भी पढ़ें- Explainer: आर्यावर्त, भारत, हिंद, इंडिया… जानें, अपने देश को कैसे मिलते गए अलग-अलग नाम

ये भी पढ़ें- 500 रुपए और मोबाइल के लिए दिल्ली के मंडोली में युवक की हत्या, 3 गिरफ्तार

Latest India News