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जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती नहीं लड़ेंगी विधानसभा चुनाव, रख दी इतनी बड़ी शर्त

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने आज बड़ा ऐलान किया है। महबूबा मुफ्ती ने बेंगलुरु में ये घोषणा की है कि वह विधानसभा चुनाव तब तक नहीं लड़ेंगी।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती- India TV Hindi Image Source : ANI जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने आज बड़ा ऐलान किया है। महबूबा मुफ्ती ने बेंगलुरु में ये घोषणा की है कि वह विधानसभा चुनाव तब तक नहीं लड़ेंगी जब तक कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस से बहाल नहीं हो जाता। मुफ्ती ने कहा कि मुझे निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

G20 को बीजेपी ने हाईजैक किया
बेंगलुरु में महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि G20 देश का इवेंट है लेकिन बीजेपी ने इसे हाईजैक कर लिया है। उन्होंने इसके लोगो को कमल से बदल दिया है, इसके लोगो को देश से संबंधित होना चाहिए था, ना कि किसी पार्टी से। मुफ्ती ने कहा कि यह सार्क (SAARC) ही है जो इस क्षेत्र में हमारे देश का नेतृत्व स्थापित करेगा। पीडीपी चीफ ने कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन क्यों नहीं करते और हमारी समस्या का समाधान करते हैं।

महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर साधा निशाना
महबूबा ने कहा कि करीब करीब हर किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन कर्नाटक ने फिर से उम्मीद जगाई है कि भारत की विचारधारा जिंदा है। हम जम्मू कश्मीर के लोगों को इसकी कुछ ज्यादा ही जरुरत थी, क्योंकि इस फासिस्ट फोर्सेस की मैं पहली विक्टिम हूं। हमने दिल्ली में क्या देखा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया गया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने चुनी हुई सरकार को ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार दिया था। 2019 में हमारे साथ क्या हुआ था, हम से सत्ता ले ली गई। गवर्नमेंट को खत्म कर दिया गया। लोगों को डिसइंपावर्ड कर दिया गया। सब लोगों ने ये समझा कि ये मुस्लिम बहुल राज्य के खिलाफ कार्रवाई है, क्योंकि बीजेपी मुस्लिम विरोधी है। लेकिन कश्मीर की समस्या का समाधान नहीं हो पाया, बल्कि समस्या और जटिल हो गई। 

कर्नाटक में विपक्षी एकता का दिया था संदेश
वहीं इससे पहले कर्नाटक में सिद्धरमैया और उनकी सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के 18 दलों के नेता एक मंच पर नजर आए और यहां से विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया गया। इस दौरान बेंगलुरु में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।

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