1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'हमें मां भारती के दुश्मनों को पहचानना होगा, उन्हें हराना होगा', दशहरा समारोह में PM मोदी ने दिया बड़ा बयान

'हमें मां भारती के दुश्मनों को पहचानना होगा, उन्हें हराना होगा', दशहरा समारोह में PM मोदी ने दिया बड़ा बयान

देश के अनेक हिस्सों में दशहरा के अवसर पर रावण का दहन किया जा रहा है। दिल्ली में पीएम मोदी ने भी दशहरा समारोह में हिस्सा लिया है और लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मां भारती के दुश्मनों को पहचानना होगा, उन्हें हराना होगा।

PM MODI ON Dussehra- India TV Hindi
Image Source : PTI दिल्ली में दशहरा समारोह में पीएम मोदी।

विजयादशमी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह पर रावण के पुतलों का दहन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण हो यही प्रभु श्रीराम का आदर्श है। पीएम मोदी ने आगे जनता से ये भी कहा कि हमें मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा और उन्हें साथ मिलकर हराना होगा।

मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा- PM मोदी

दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे विचार समान हों। देश की सभी संस्थाएं और सभी राजनीतिक दल राष्ट्रीय हित के लिए एक साथ खड़े हों। हमें इसी भावना पर चलना होगा। हमें देश के दुश्मनों के साथ मिलकर लड़ना होगा। देश के मान-सम्मान को चोट पहुंचाने वाली ताकतें, समाज को बांटने वाले लोग, हमारी संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता, ये देश के दुश्मन हैं। आज, विजयादशमी के इस शुभ अवसर पर हमें अपना संकल्प फिर से दोहराना है। हमें 'मां भारती' के शत्रुओं को पहचानना होगा, उन्हें परास्त करना होगा और राष्ट्र प्रथम का संकल्प लेते हुए सबको एक साथ आना होगा। मुझे विश्वास है कि अयोध्या मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान राम से राष्ट्र और देव से देश की संकल्पना जो हमने की है, उसे हम जरूर पूरा करेंगे।"

भारत का कोना-कोना राममय- पीएम मोदी

आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में हिस्सा लते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- "विजयाममदशमी के इस पावन पर्व पर मैं प्रभु श्रीराम, मां जानकी और बजरंगबली के चरणों में प्रणाम करता हूं। इस पवित्र वातावरण में मैं सभी देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं। आज भारत का कोना-कोना राममय है। देशभर में रामलीलाओं का मंचन, प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक के अंत का उद्घोष और असत्य पर सत्य सनातन की विजय का विश्वास हमारे लिए ये केवल त्योहार नहीं है, ये भारत की प्राण ऊर्जा है।" आपको बता दें कि दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित विजय शोभायात्रा में शामिल हुए। यहां सीएम योगी ने कहा कि देश है तो धर्म है, सनातन सुरक्षित नहीं है तो कोई सुरक्षित नहीं है।

गरीब, वंचित की सेवा को सर्वोपरि रखना है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा- "इस देश ने, इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है।" पीएम मोदी ने कहा- "जो आज भी सुशासन का मानदंड माना जाता है। रामराज्य अर्थात् ऐसा शासन, जहां किसी के प्रति भेदभाव न हो, जहाँ सभी को न्याय मिले, जहां समान अवसर प्राप्त हों और जहां सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण हो... यही प्रभु श्रीराम का आदर्श है। इसलिए हमें हमेशा जनता को जनार्दन मानकर नागरिक देवो भव: के मंत्र पर आगे बढ़ना है। हमें गरीब, वंचित की सेवा को सर्वोपरि रखना है।"

हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा- "संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है। हमें संसाधनों पर विश्वास करना है। अपने संकल्प को शक्ति बनाना है और अपने परिश्रम से समाधान निकालना है। क्योंकि प्रभु श्रीराम ने हमें सिखाया कि रास्ते की कठिनाइयां हमारी यात्रा को रोक नहीं सकती। समुद्र सामने था, लंका दूर थी, लेकिन संकल्प अडिग था, इसलिए रामजी ने जनता की सामूहिक शक्ति को जगाया, जनभागीदारी को अपना संबल बनाया और असंभव लगने वाले लक्ष्य को संभव बनाया। यही सफलता का मूलमंत्र है।"

सदियों तक हमारी धरोहरों को लूटा गया- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा- "सदियों तक हमारी धरोहरों को लूटकर विदेश ले जाया गया, लेकिन आज हम अपनी उन धरोहरों को वापिस ला रहे हैं। बीते 12 वर्षों में साढ़े 600 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियों को भारत वापिस लाया गया है। भारत अपने सांस्कृतिक केंद्रों को दुनिया में नई पहचान दिलवा रहा है। ये पर्व हमें साहस देता है कि शत्रु कितना भी बड़ा क्यों न हो, लेकिन जब हम सच्चाई और मानवता के साथ होते हैं तो अंत में जीत हमारी होती है। विजयादशमी की यही भावना हमेशा से भारत की विचारधारा रही है।"

ये भी पढ़ें- 'रिजीम चेंज करने से परिस्थिति बदलेगी, ऐसा कभी नहीं हुआ', विजयादशमी समारोह में मोहन भागवत का संबोधन

Latest India News