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"देश है तो धर्म है, सनातन सुरक्षित नहीं है तो कोई सुरक्षित नहीं", विजयादशमी के मौके पर बोले CM योगी

 Written By: Malaika Imam
 Published : Oct 20, 2026 07:38 pm IST,  Updated : Oct 20, 2026 08:02 pm IST

विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित विजय शोभायात्रा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है।

Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath- India TV Hindi
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Image Source : ANI

विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के तत्वावधान में आयोजित भव्य विजय शोभायात्रा कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की एकता, सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि देश है तो धर्म है और धर्म है तो हम सब भी हैं। कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। इसी तरह जब तक सनातन सुरक्षित नहीं है, कोई सुरक्षित नहीं है। अगर किसी को गलतफहमी होगी, दुनिया के अंदर आप देख सकते हैं।

उन्होंने कहा, "दुनिया के अंदर मुसलमान-मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं, आपस में ही लड़ रहे हैं। शिया और सुन्नी के बीच विवाद हो गया है। कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट लड़ रहे हैं। क्रिश्चियन-क्रिश्चियन लड़ रहे हैं और जहां आपस में नहीं लड़ रहे हैं, वहां पर इस्लाम की लड़ाई ईसाइयत से है, कम्युनिज्म की लड़ाई क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है और कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट वहां पर हर एक के खिलाफ भी लड़ रहा है, आपस में ही द्वंद्व चल रहा है। अकेले भारत है, जो मजबूती के साथ सनातन की साया में हर जाति, हर संप्रदाय, हर मत, हर मजहब को सुरक्षा भी दे रहा है, उसको समृद्धि के पथ पर भी बिना भेदभाव के अग्रसर कर रहा है और यही तो है भारत की ऋषि की परंपरा सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।"

भारत को कमजोर करने वालों का दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, वे इन कार्यों को कैसे स्वीकार कर सकते हैं? अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन हो, भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, वे इसे कैसे स्वीकार कर सकते हैं? इसके लिए उन्होंने दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का माध्यम बनाया है। अयोध्या को अपमानित करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अभी तक अयोध्या में रामलला के दर्शन तक नहीं किए। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और अत्याचार की पराकाष्ठा की, आज वे भी राम-राम चिल्ला रहे हैं। राम-राम तो कालनेमि भी चिल्लाता था। याद रखना, आपमें बजरंगबली की तरह सही और गलत को पहचानने की सामर्थ्य होनी चाहिए।"

सामाजिक समरसता और एकता का पर्व

सीएम योगी ने कहा, "आज पूरे देश में विजयादशमी का उत्साह है। जगह-जगह रामलीलाओं का आयोजन होता है। कोई राम बनता है, कोई दशरथ, कोई रावण, कोई लक्ष्मण, कोई हनुमान, कोई नल, कोई नील, कोई निषादराज और कोई जटायु। हमारी रामलीलाएं समता और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। जो लोग समाज को तोड़ने और बांटने का काम करते हैं, वे उसी निशाचर रावण से प्रेरित हैं, क्योंकि रावण भी एकता को खंडित करता था। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर जो लोग राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं, उनके भीतर रावण की ही आत्मा आ गई है। जब भारत कमजोर होता है, तब राम मंदिर, रामजन्मभूमि, कृष्णजन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे हमारे आस्था के केंद्र कमजोर होते हैं और अपमानित किए जाते हैं। तब नारी की गरिमा भी कमजोर होती है और उसकी अस्मिता को अपमानित करने का प्रयास किया जाता है।"

भगवान श्रीराम की मर्यादा और विजयादशमी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा, "हजारों वर्षों की धरोहर भगवान श्रीराम की मर्यादा, उनके वचन और उनके कर्म के रूप में आज भी हम सबके सामने है। विजयादशमी का पर्व संपूर्ण भारत को जोड़ता है। हजारों वर्ष पहले श्री अयोध्या धाम में राजा दशरथ के पुत्र के रूप में श्रीहरि विष्णु ने भगवान श्रीराम के रूप में अवतार लेकर अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध शंखनाद किया था। हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभु श्रीराम के वचन और कर्म की प्रासंगिकता प्रत्येक युग में बनी हुई है। दुनिया में अन्याय और अत्याचार करने वालों ने अनेक सभ्यताओं और संस्कृतियों को नष्ट किया होगा, उपासना की अनेक विधियों को ध्वस्त किया होगा। समय के साथ वे स्वयं नष्ट हो गए और इतिहास में उनका नाम मात्र शेष रह गया। लेकिन आज भी भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या विद्यमान है और प्रभु श्रीराम के आदर्श युगों-युगों से मानवता को मर्यादा, न्याय, समरसता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं।"

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