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'शायद सचिन पायलट ने मुझे हटाने का मन बना लिया था', राहुल गांधी से मुलाकात पर भी बोले राजा वड़िंग

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि शायद सचिन पायलट ने उन्हें पद से हटाने का मन बना लिया था। हालांकि, वड़िंग ने माना कि उनके पास इसका कोई ठोस सबूत नहीं है। राहुल गांधी से मुलाकात पर भी उन्होंने बात की।

Raja Warring, Sachin Pilot, Rahul Gandhi- India TV Hindi
Image Source : PTI सचिन पायलट और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

Highlights

  • राजा वड़िंग ने कहा, शायद सचिन पायलट ने मुझे हटाने का फैसला कर लिया था।
  • पंजाब कांग्रेस के नेता बोले, राहुल से मुलाकात में पंजाब को लेकर अपने विचार साझा किए।
  • साढ़े चार साल के कार्यकाल से संतुष्ट, बोले- पार्टी का हर फैसला स्वीकार किया।

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा के बीच प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बड़ा बयान दिया है। वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने शायद यह तय कर लिया था कि अब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने का समय आ गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके पास इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है। वड़िंग ने कहा कि उन्होंने अपनी बात कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक पहुंचा दी है।

‘पायलट से सिर्फ नियुक्ति के समय मुलाकात हुई थी’

राजा वड़िंग ने बताया कि जब सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था, तब उन्होंने औपचारिक रूप से उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा,

'जब उन्हें प्रभारी बनाया गया था, तो मैं उन्हें बधाई देने गया था। उस दिन करीब 15 मिनट उनसे बात हुई थी। उसके बाद मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई।'

वड़िंग ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि शायद पायलट ने ही उनके बारे में फैसला लिया होगा।

‘शायद महासचिव ने तय किया कि राजा को हटाना चाहिए’

वड़िंग ने कहा कहा कि अपने लंबे राजनीतिक सफर को देखते हुए उन्हें लगता है कि सचिन पायलट ने शायद तय कर लिया होगा कि अब ‘राजा’ को पद से हटाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, 

'मेरे पास इसका कोई ठोस सबूत नहीं है, लेकिन शायद महासचिव ने महसूस किया हो कि राजा को हटा देना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन्हें हटाए जाने की कोई खास वजह उन्हें नजर नहीं आती। वड़िंग ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी बात राहुल गांधी तक पहुंचा दी है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के बाद अब कोई ऐसा व्यक्ति नहीं बचता, जिसे वह समझा सकें कि क्या होना चाहिए और क्या नहीं।

राहुल गांधी से मुलाकात पर बोले, 'उन्होंने बहुत स्नेह दिखाया'

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद राजा वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को लेकर कहा कि राहुल गांधी ने उनके साथ काफी स्नेह से बात की। वड़िंग के मुताबिक, राहुल गांधी ने उनसे पंजाब को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने जवाब दिया और राज्य से जुड़े अपने विचार भी साझा किए। उन्होंने कहा,

'मैं अपने नेता राहुल गांधी से मिला। उन्होंने पंजाब को लेकर जो सवाल पूछे, मैंने उनका जवाब दिया और अपने विचार साझा किए। उन्होंने मुझ पर बहुत स्नेह दिखाया।'

पत्नी के साथ बंगला साहिब पहुंचे राजा वड़िंग

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग अपनी पत्नी के साथ सीधे दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां उन्होंने अरदास की। वड़िंग ने कहा कि उनके लिए राजनीतिक पद से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उनका कार्यकाल लोगों को याद रहे। उन्होंने कहा,

'उस मुलाकात के बाद मैं और मेरी पत्नी सीधे गुरुद्वारा बंगला साहिब अरदास करने आए। कार्यकाल लंबा हो या छोटा, ऐसा होना चाहिए जिसे लोग याद रखें।'

‘मंत्री के तौर पर मेरा कार्यकाल भी यादगार रहा’

वड़िंग ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री के तौर पर भी उनका कार्यकाल ऐसा रहा, जिसे लोग याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को उसे मिले हर अवसर के लिए आभारी होना चाहिए। उन्होंने कहा,

'मंत्री के तौर पर मेरा कार्यकाल भी बिल्कुल ऐसा ही था, यादगार। व्यक्ति को जो कुछ मिलता है, उसके लिए आभारी होना चाहिए।'

वड़िंग ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।

‘अब जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है’

राजा वड़िंग ने अपने कार्यकाल और पद से हटने को लेकर कहा कि वह पार्टी के फैसले को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा,

'मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा किया। अब जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है। पार्टी ने मुझे जो भी दिया, मैंने उसे खुशी से स्वीकार किया और पार्टी के आदेश का पालन किया।'

2027 चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में बदलाव

राजा वड़िंग के ये बयान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से उनके हटने के बाद आए हैं। कांग्रेस संगठन में यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है, जब पंजाब इकाई के नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। इन खबरों में राजा वड़िंग और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर कथित मतभेदों का भी जिक्र किया गया है। यह घटनाक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, जिससे प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2022 में संभाली थी प्रदेश कांग्रेस की कमान

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू की जगह प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली थी। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाए जाने को लेकर चर्चा चल रही थी और नए चीफ की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे हैं। अब उनके पद छोड़ने के बाद पार्टी के प्रदेश संगठन में नए नेतृत्व को लेकर बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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