भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक यानी AIADMK आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लडेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को इस बात का ऐलान कर दिया है। अमित शाह ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा है कि तमिलनाडु में फिर से NDA की सरकार बनेगी। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से NDA की जीत होगी। उन्होंने कहा है कि NDA पलानीसामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
अमित शाह ने बताया गठबंधन का फॉर्मूला
भाजपा और AIADMK की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह और पलानीस्वामी मंच पर मौजूद थे। अमित शाह ने कहा- "आज AIADMK और BJP ने तय किया है कि आने वाला चुनाव, AIADMK, BJP और बाकी दल, NDA के तहत मिलकर लड़ेगी। ये चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर PM मोदी के नेतृत्व में और राज्य में पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मुझे भरोसा है कि आने वाले चुनाव में NDA की सरकार बनेगी। AIADMK के इंटरनल अफेयर्स में हमारा कोई दखल नहीं होगा। बाकी दलों के बारे में AIADMK का नेतृत्व और BJP का क्षेत्रीय नेतृत्व तय करेगा। सीटों की संख्या और सरकार बनाने के बाद मंत्रियों को बंटवारा दोनों ही दल चर्चा करके तय करेंगे। अभी कोई बातचीत नहीं हो रही है।"
अमित शाह ने आगे कहा- "DMK तमिलनाडु में सनातन धर्म, लैंग्वेज पॉलिसी जैसे मुद्दों को, मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए उठा रही है। तमिलनाडु में जनता करप्शन, लॉ एंड आर्डर, दलित और महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ जनता वोट करेगी।"
Image Source : India TVतमिलनाडु में भाजपा-AIADMK गठबंधन का फॉर्मूला।
क्यों साथ आए भाजपा और AIADMK?
दरअसल, तमिलनाडु में साल 2026 में विधानसभा चुनाव का आयोजन होगा। तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस का गठबंधन है। ऐसे में भाजपा को भी राज्य में एक मजबूत गठबंधन साथी की तलाश थी। यही कारण है कि बीते कई दिनों से भाजपा और AIADMK के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी थी। हाल ही में पलानीस्वामी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
Image Source : India TVभाजपा को गठबंधन से क्या फायदा होगा?
भाजपा को गठबंधन से कितना फायदा होगा?
भाजपा और AIADMK ने साल 2021 में एक साथ विधानसभा चुनाव लड़ा था। भाजपा के 4 विधायक चुनाव जीते थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा और AIADMK का गठबंधन टूट गया। इस चुनाव में भाजपा और AIADMK दोनों ही एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी। वहीं, चुनाव में DMK और कांग्रेस के गठबंधन को बड़ी जीत मिली। हालांकि, अगर वोट शेयर की बात करें तो लोकसभा चुनावों में तमिलनाडु में भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 11.24% और AIADMK का वोट प्रतिशत लगभग 20.46% रहा। वहीं, डीएमके को अकेले 26.93% वोट मिले। ऐसे में भाजपा को विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK के साथ गठबंधन से फायदा मिल सकता है। भाजपा को तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में पैठ बनाने और खुद को मजबूत करने का मौका मिलेगा। AIADMK के साथ गठबंधन के बाद अगर राज्य में सरकार बनती है तो भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच टकराव कम होगा।
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