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तेलंगाना कांग्रेस में विवाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाया, बेटी का बयान बना वजह

कोंडा सुरेखा ने इस सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें साफ बता दिया गया था कि उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।

Telangana- India TV Hindi
Image Source : PTI,FB-KONDA SUREKHA रेवंत रेड्डी (बाएं), कोंडा सुरेश (दाएं)

तेलंगाना कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला कर लिया। इस संबंध में राज्यपाल को सिफारिश भेज दी गई है। सीएम का यह फैसला तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद आया। समिति की सिफारिश में कहा गया था कि हाल ही में मंत्री सुरेखा की बेटी की ओर से दिए गए विवादित बयानों को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति ने सुरेखा को कैबिनेट से हटाने के साथ साथ चिन्ना रेड्डी को भी प्लानिंग बोर्ड के पद से हटाने की सिफारिश की थी, चिन्ना रेड्डी पर भी पार्टी का अनुशासन तोड़ने का आरोप है। चिन्ना रेड्डी को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना प्लानिंग बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरेखा से जुड़ा विवाद तब शुरू हुआ, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने अगस्त में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रेवंत और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणी की थी। उस वक्त मंत्री सुरेखा का कहना था कि उनकी बेटी की राय निजी थी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के भीतर खास तौर पर सीएम रेवंत रेड्डी के खेमे के विधायकों ने सुरेखा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। 

रेवंत ने की थी कार्रवाई की मांग

रेवंत ने दिल्ली दौरे के दौरान ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने भी यह मुद्दा उठाया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सुरेखा ने बढ़ते दबाव के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया और पार्टी नेतृत्व को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती दी। उन्होंने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की थी लेकिन उन्हें स्पष्ट कह दिया गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डैमेज कंट्रोल शुरू

ओबीसी महिला नेता सुरेखा को इस तरह हटाने से होने वाले नुकसान की भरपाई के तौर पर सीएम ने तत्काल वारंगल जिले से ही तीन ओबीसी महिलाओं को बोर्ड/कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। रेवंत ने गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष, नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद जी सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया है। पिछले महीने भी तेलंगाना में सियासी विवाद चर्चा में रहा था।

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