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राधाकृष्णन को निर्विरोध जिताने में जुटी BJP, राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं को किया फोन

9 सितंबर को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव एनडीए की ओर से राजनाथ सिंह की देखरेख में होगा। एनडीए ने रविवार को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया था। लेकिन विपक्ष की तरफ से अभी तक किसी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है।

rajnath singh cp radhakrishnan- India TV Hindi
Image Source : PTI राजनाथ सिंह और सीपी राधाकृष्णन

NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के ऐलान के बाद आज इंडिया गठबंधन के अपने उम्मीदवार का ऐलान करने की बारी है। संसद भवन में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई है जिसमें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर चर्चा हुई है। अभी तक विपक्ष की तरफ से किसी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विपक्षी नेताओं को फोन कर NDA उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए सीपी राधाकृष्णन का नाम बताकर समर्थन मांगा है। रविवार शाम उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात की और राधाकृष्णन के लिए समर्थन मांगा।

बता दें कि 9 सितंबर को होने वाला उपराष्ट्रपति चुनाव एनडीए की ओर से राजनाथ सिंह की देखरेख में होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को चुनाव एजेंट बनाया गया है। 

कब नामाकंन दाखिल करेंगे राधाकृष्णन?

एनडीए ने रविवार को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया था। एनडीए की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उम्मीदवार होंगे। रविवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपी राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगी। सीपी राधाकृष्णन 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान NDA शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

DMK विरोध करेगी या समर्थन?

NDA के आंकड़े को देखते हुए राधाकृष्णन का अगला उपराष्ट्रपति बनना तय लग रहा है। साथ ही पीएम मोदी ने राधाकृष्णन पर दांव लगाकर विपक्ष में भी सेंध लगाने की कोशिश की है। राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं ऐसे में अब ये देखना दिलचस्प होगा कि DMK उनका विरोध करती है या राधाकृष्णन के समर्थन में वोट डालेगी।

क्या है नंबर गेम?

इस बार कुल 782 सांसद मतदान के पात्र हैं जिनमें 542 लोकसभा और 240 राज्यसभा से हैं। बहुमत के लिए 392 सांसदों की जरूरत होगी। सरकार के पक्ष में 427 सांसद बताए जा रहे हैं जबकि विपक्ष के पास 355 सांसद हैं। इसमें दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से 133 सांसद अभी अनिर्णीत माने जा रहे हैं जो पूरे चुनाव की दिशा बदल सकते हैं।

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