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बडगाम उपचुनाव: वोटिंग से 7 दिन पहले PDP उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ीं, देर रात प्रचार करने पर चुनाव आयोग का नोटिस

चुनाव आयोग ने बडगाम उपचुनाव में PDP उम्मीदवार आगा मुंतजिर मेहदी को बिना जरूरी अनुमति के विधानसभा क्षेत्र में देर रात में प्रचार करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया।

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Image Source : PTI (FILE PHOTO) चुनाव आयोग

श्रीनगर: चुनाव आयोग ने बडगाम उपचुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के उम्मीदवार आगा मुंतजिर मेहदी को बिना जरूरी अनुमति के विधानसभा क्षेत्र में देर रात में प्रचार करके आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन करने को लेकर मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अपने जवाब में मेहदी ने कहा कि आयोग के निर्देशों का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया, क्योंकि यह सभा कोई योजनाबद्ध अभियान कार्यक्रम नहीं था, बल्कि ‘एक स्वतःस्फूर्त सभा थी।’

नोटिस में नोडल अधिकारी ने क्या कहा?

मेहदी को भेजे गए कारण बताओ नोटिस में नोडल अधिकारी ने कहा कि उनके कार्यालय को विभिन्न स्रोतों से पता चला है कि मेहदी ने एक और तीन नवंबर की देर रात रैलियों और जुलूसों समेत राजनीतिक गतिविधियां कीं। नोटिस में कहा गया है, ‘‘विभिन्न उम्मीदवारों से कई शिकायतें मिली हैं कि आप सक्षम प्राधिकारी से अपेक्षित अनुमति लिए बिना राजनीतिक प्रचार कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।’’ नोटिस में कहा गया है कि ‘फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST)’ के मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर पुष्टि की है कि मेहदी ने सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना देर रात प्रचार किया। मेहदी ने अपने जवाब में कहा, ‘‘ यह सभा कोई योजनाबद्ध अभियान कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का एक स्वतःस्फूर्त जमावड़ा था, जिन्होंने मेरे मार्ग में मुझे रोका और मेरे परिवार के प्रति गहरी भावनात्मक और आस्था-आधारित लगाव को व्यक्त किया।’’

PDP उम्मीदवार ने क्या कहा?

पीडीपी उम्मीदवार ने कहा, ‘‘ऐतिहासिक रूप से ये सभाएं हमारे समुदाय की नियमित सांस्कृतिक प्रथाओं का हिस्सा रही हैं, जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं। इसमें शामिल लोगों के लिए गहरा भावनात्मक महत्व रखती हैं।’’ उन्होंने कहा कि ‘स्पीकर सिस्टम’ का संक्षिप्त उपयोग केवल एकत्रित ग्रामीणों से संवाद के लिए किया गया था, न कि किसी औपचारिक राजनीतिक सभा के तौर पर। उन्होंने कहा, ‘‘उनके अनुरोध को अस्वीकार करना सामाजिक रूप से असंवेदनशील और अपमानजनक होता, खासकर इस बातचीत की धार्मिक प्रकृति को देखते हुए।’’

मेहदी ने कहा कि वह निर्वाचन आयोग के नियमों और आदर्श आचार संहिता की पवित्रता का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी टीम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि भविष्य में सभी सामुदायिक संपर्कों के बारे में, चाहे उनका संदर्भ कुछ भी हो, सक्षम प्राधिकारी को विधिवत सूचित किया जाए तथा उनकी मंजूरी ली जाए।’’ (भाषा इनपुट्स के साथ)