1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. हाशिम मूसा के मारे जाने के 5 दिन बाद जंगल से दवाइयों और खाने का बैग बरामद, लोकल सपोर्ट के नेटवर्क की जांच तेज

हाशिम मूसा के मारे जाने के 5 दिन बाद जंगल से दवाइयों और खाने का बैग बरामद, लोकल सपोर्ट के नेटवर्क की जांच तेज

एनकाउंटर वाली जगह के पास दवाइयों और खाने-पीने की चीजों वाला एक बैग मिलने के बाद हाशिम मूसा के लोकल सपोर्ट नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है।

दवाइयों और खाने का बैग बरामद- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT दवाइयों और खाने का बैग बरामद

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने के पांच दिन बाद पुलिस ने उसके लॉजिस्टिक सपोर्ट नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। बडगाम पुलिस ने कवान जंगल इलाके में पलमैदान के पास तलाशी अभियान के दौरान दवाइयों और खाने-पीने की चीजों से भरा एक बैग बरामद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंगल में यह सामान किसके लिए पहुंचाया गया था और इसे आतंकियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।

पीर पंजाल के जंगलों में 35-40 आतंकी सक्रिय

इस बैग का मिलना उस लोकल नेटवर्क का पता लगाने में अहम माना जा रहा है, जिसने मूसा को इतने लंबे समय तक जंगलों में जिंदा रहने में मदद की। पुलिस लॉजिस्टिकल सपोर्ट और बड़ी साजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में, खासकर पीर पंजाल के जंगलों में 35-40 अन्य विदेशी आतंकवादी सक्रिय हैं। 

लोकल नेटवर्क आतंकियों की कर रहा मदद

बैग मिलने के बाद सुरक्षा बलों का मानना ​​है कि एक अच्छी तरह से संगठित लोकल नेटवर्क सक्रिय है, जो छिपे हुए आतंकवादियों की मदद कर रहा है। अगर छिपे हुए आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने वाले इस लोकल नेटवर्क को पकड़ लिया जाए, तो छिपे हुए आतंकवादियों को खत्म करना आसान हो जाएगा।

मारे गए आतंकी के इस्तेमाल के लिए थीं बरामद चीजें 

यह बरामदगी 29 सितंबर के एनकाउंटर और उस संदिग्ध लोकल नेटवर्क की चल रही जांच का हिस्सा है जिसने लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया हो सकता है। पुलिस का कहना है कि ये चीजें मारे गए आतंकवादी के इस्तेमाल के लिए थीं। जांचकर्ता इस खेप के स्रोत, इसे उस जगह पर कैसे और कब रखा गया और ओवरग्राउंड वर्करों, साजिश रचने वालों या अन्य साथियों की संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं।

Image Source : Reporter Inputबैग से बरामद दवाइयां और खाना

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

इस बरामदगी की जांच खानसाहिब पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 181/2026 के तहत की जा रही है। संदिग्ध सपोर्ट नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। यह एनकाउंटर 29-30 सितंबर, 2026 की रात को बडगाम जिले के कवान जंगलों में पलमैदान के पास घने जंगल वाले इलाके में हुआ था। 

SOG, CRPF और भारतीय सेना ने चलाया ऑपरेशन

यह ऑपरेशन स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) बडगाम, भारतीय सेना और CRPF के बीच तालमेल और खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया एक जॉइंट ऑपरेशन था। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खास तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया। सैनिकों ने ऑपरेशन चलाया और मूसा को मार गिराया। उसका शव और लड़ाई में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।

वांटेड आतंकवादियों में से एक था हाशिम मूसा

अधिकारियों ने मोहम्मद आसिफ उर्फ ​​हाशिम मूसा को पाकिस्तान में रहने वाला LeT कमांडर और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सबसे ज्यादा वांटेड आतंकवादियों में से एक बताया। वह 2022 के आसपास जम्मू-कश्मीर में आया था और कश्मीर घाटी में आने से पहले कई सालों तक ऊंचे पहाड़ी जंगलों, खासकर पीर पंजाल रेंज (पुंछ-राजौरी बेल्ट) में सक्रिय रहा। वह 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय LeT के टॉप कमांडरों के चार सदस्यों वाले ग्रुप का आखिरी बचा हुआ सदस्य था।

ये भी पढ़ें: 

श्रीनगर में ड्रग्स के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार; 2.19 लाख गोलियां, 85 लाख कैश और करोड़ों का सोना बरामद, 1.07 करोड़ फ्रीज