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'अपनी मर्जी से गोली चलाई', पूर्व सीएम पर हमला करने वाले आरोपी का बयान

आरोपी कमल सिंह ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से गोली चलाई, किसी के कहने पर नहीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और गुरुवार को उसे मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर गई।

Farooq Abdullah- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT फारुख अब्दुल्ला पर हमला (बाएं), आरोपी कमल (दाएं)

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दु्ल्ला पर गोली चलाने वाले आरोपी ने कहा है कि उसने किसी के कहने पर एनसीपी नेता पर गोली नहीं चलाई थी। अपनी मर्जी से उसने ऐसा किया था। पुलिसकर्मियों ने उसे घटना के बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद गुरुवार को उसे मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान आरोपी से पूछा गया कि उसने किसके कहने पर गोली चलाई थी। इसके जवाब में उसने कहा कि उसने किसी के कहने पर ऐसा नहीं किया।

आरोपी ने कहा, "मैंने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई, अपनी मर्जी से गोली चलाई।" इससे पहले भी उसने कहा था, "मैं पिछले 20 साल से उन्हें मारना चाहता था। यह मेरा निजी एजेंडा था। आज मौका मिला, लेकिन वह बच गए। हथियार मेरा अपना है, जो मुझे जारी किया गया था।"

अल्लाह ने मुझे बचा लिया- अब्दुल्लाह

फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान खुद पर हुए जानलेवा हमले के बाद कहा कि अल्लाह ने उन्हें बचा लिया। शहर के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में आयोजित इस समारोह में कमल सिंह जामवाल नामक हमलावर ने कथित तौर पर अब्दुल्ला को निशाना बनाया। जब नेता आयोजन स्थल से बाहर निकल रहे थे तब बंदूकधारी ने पीछे से गोली चलाई, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। अब्दुल्ला ने गुरुवार सुबह कहा, "मैं ठीक हूं और अल्लाह ने मुझे बचा लिया है।" उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमलावर उनकी गर्दन के बिल्कुल पीछे तक पहुंचने में कामयाब हो गया था। आखिरी क्षण में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) सहित सुरक्षाकर्मियों ने उसे काबू कर लिया। मुझे तुरंत मेरी कार में बिठाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।" 

उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता

अब्दुल्ला ने सुरक्षा चूक पर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनके बेटे और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में चिंता व्यक्त की। उमर ने कहा, "जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ बिल्कुल करीब तक पहुंचने और गोली चलाने में सफल रहा। यह केवल करीबी सुरक्षा दल ही था जिसने उन्हें बचा लिया। फिलहाल जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि कोई व्यक्ति, जेड-प्लस एनएसजी सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुंचने में सफल रहा।"

(जम्मू से शाम सधोरा की रिपोर्ट)

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