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बारामुला में बादल फटने से तबाही, घोरेताल नाले ने बदला रास्ता, फंसे ग्रामीणों को जवानों ने किया रेस्क्यू; देखें VIDEO

बारामुला में बादल फटने की घटना के बाद घोरेताल नाला ने अपना रास्ता बदल लिया। इसके बाद कई ग्रामीण दो धाराओं के बीच फंस गए। भारतीय सेना ने त्वरित और साहसी बचाव अभियान चलाकर ग्रामीणों को रेस्क्यू किया।

सेना ने चलाया रेस्क्यू अभियान।- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT सेना ने चलाया रेस्क्यू अभियान।

बारामुला: जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ के मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच बारामुला में बादल फटने के कारण घोरेताल नाले ने अपना मार्ग बदल लिया। इसके बाद मुकामपुइरान गांव के कई घर पूरी तरह से जलमग्न हो गए। वहीं नाले के रास्ता बदलने की वजह से कई ग्रामीण फंस गए। हालांकि भारतीय सेना ने त्वरित और साहसी बचाव अभियान चलाकर मायां क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ और व्यापक तबाही के बाद फंसे कई बुजुर्ग निवासियों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला।

दो धाराओं के बीच फंसे ग्रामीण

बाढ़ का पानी आवासीय क्षेत्र के दोनों ओर से बहने लगा, जबकि भारी मात्रा में मलबा जमा होने से रास्ते अवरुद्ध हो गए और प्रभावित परिवार अलग-थलग पड़ गए। जैसे-जैसे जलस्तर धीरे-धीरे कम हुआ और धारा की गति धीमी हुई। इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने बचाव अभियान शुरू किया और फंसे हुए निवासियों, जिनमें बुजुर्ग ग्रामीण भी शामिल थे, को उनके जलमग्न घरों से सुरक्षित निकाला। बचाए गए लोगों को मुख्य गांव में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। 

सेना के जवानों ने किया रेस्क्यू

सेना के समय पर हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों को बहुत जरूरी राहत मिली और किसी भी जानमाल के नुकसान को रोका जा सका। स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य के लिए सेना का आभार व्यक्त किया और आपातकालीन स्थिति में सैनिकों की त्वरित प्रतिक्रिया और समर्पण की प्रशंसा की। वहीं अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और प्रभावित क्षेत्र में क्षति का आकलन और राहत कार्य जारी हैं।

डरा रहा झेलम का जलस्तर

वहीं दूसरी तरफ झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने लोगों के लिए काफी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बादल फटने की घटनाओं के साथ-साथ कई जगहों पर भूस्खलन हो रहा है और श्रीनगर शहर को जोड़ने वाले कई रास्ते बंद हो गए हैं। कश्मीर की सभी छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। खासकर झेलम नदी, जो श्रीनगर के बीच से होकर बहती है, खतरे के निशान को छू रही है।

बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट

झेलम में बढ़ता जलस्तर निवासियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि 2014 में नदी अपने किनारों को तोड़कर बहने लगी थी, जिससे पूरे कश्मीर में भयानक बाढ़ आ गई थी। इसलिए, जब भी जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचता है, तो लोग बहुत घबरा जाते हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने ज़िले में कंट्रोल रूम बनाए हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। NDRF, SDRF और बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है और नदियों व नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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