सर्दियों की शुरुआत के साथ, जम्मू-कश्मीर सरकार ने 'दरबार मूव' (राजधानी बदलने की प्रक्रिया) के तहत कामकाज को जम्मू स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इसके अनुसार, सिविल सचिवालय और अन्य निर्धारित कार्यालय 2 नवंबर को शीतकालीन राजधानी जम्मू में फिर से खुलेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने भी 'दरबार मूव' (सर्दियों के मौसम 2026-27) के तहत अपनी मुख्य शाखा और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों को श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।
रजिस्ट्रार जनरल एम.के. शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हाई कोर्ट की मुख्य शाखा और अन्य निर्धारित कार्यालय 31 अक्टूबर 2026 शनिवार को कार्यालय का समय समाप्त होने के बाद श्रीनगर में बंद हो जाएंगे और 2 नवंबर 2026 सोमवार को सुबह जम्मू में फिर से खुलेंगे। इस आदेश के दायरे में आने वाले कार्यालयों में मुख्य न्यायाधीश के प्रधान सचिव का कार्यालय, रजिस्ट्रार (सतर्कता), जम्मू-कश्मीर न्यायिक अकादमी के निदेशक, रजिस्ट्रार (नियम), रजिस्ट्रार (कंप्यूटर/आईटी), केंद्रीय परियोजना समन्वयक (CPC) और ई-कोर्ट के कार्यालय शामिल हैं।
जम्मू जाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा विशेष यात्रा भत्ता
आदेश में यह भी कहा गया है कि 'दरबार मूव' के तहत श्रीनगर से जम्मू जाने वाले कर्मचारियों को 25,000 रुपये का 'विशेष यात्रा भत्ता' (Special Move Travelling Allowance - T.A.) दिया जाएगा। हालांकि, रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी जम्मू नहीं जाएंगे, उन्हें यह 25,000 रुपये का विशेष यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। सभी कार्यालय 2 नवंबर को जम्मू में फिर से खुलेंगे।
क्या है 'दरबार मूव' परंपरा?
बता दें कि 'दरबार मूव' की परंपरा के तहत, सरकार सर्दियों के 6 महीनों के दौरान जम्मू से और गर्मियों के दौरान श्रीनगर से काम करती है। साल 2021 में उपराज्यपाल प्रशासन ने इस परंपरा को समाप्त कर दिया था। इसके बाद ‘दरबार मूव’ को उमर अब्दुल्ला सरकार ने 16 अक्टूबर 2025 को बहाल कर दिया था।
दरबार मूव से पहले हाईकोर्ट की जम्मू विंग तैयार करने के निर्देश
हाई कोर्ट की जम्मू विंग के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिए गए हैं कि 2 नवंबर से पहले सभी चैंबर, अदालतें और रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह तैयार कर कार्यशील बनाए जाएं। इसके साथ ही सभी टेलीफोन कनेक्शन भी चालू रखने को कहा गया है।
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