कश्मीर में रेड अलर्ट, 5 हाइब्रिड आतंकियों समेत 13 देश-विरोधी लोग पकड़े गए; कार्रवाई हुई तेज
जम्मू-कश्मीर में रेड अलर्ट है। पुलिस और सुरक्षाबलों ने टेरर कम्युनिकेशन इंटरसेप्ट के बाद 5 हाइब्रिड आतंकियों समेत 13 देश-विरोधी लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी घाटी में कार्रवाई तेज कर दी गई है।

एक निर्णायक और खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और CRPF ने पूरे कश्मीर में आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। संयुक्त टीमों ने 5 हाइब्रिड आतंकियों, ओवरग्राउंड वर्करों और आतंकियों के साथियों समेत 13 लोगों को पकड़ा है। साथ ही, शोपियां, पुलवामा, सोपोर (बारामूला) और कुलगाम जिलों में की गई संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड और देश-विरोधी दस्तावेज/पोस्टर बरामद किए गए हैं।
कश्मीर में शांति भंग करने की साजिश
जम्मू-कश्मीर में ये सफलताएं खुफिया एजेंसियों द्वारा इंटरसेप्ट की गई खास जानकारी की वजह से मिली हैं, जिनसे संदिग्ध गतिविधियों, संभावित आतंकी साजिशों, युद्ध जैसे सामान के भंडारण और हाइब्रिड तत्वों की हरकतों का पता चला था। नियंत्रण रेखा (LoC) से लेकर कस्बों, शहरों और हाईवे तक, सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क को तोड़ने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी, अतिरिक्त तैनाती, अचानक जाँच और मोबाइल चेकपॉइंट्स के जरिए चौकसी बरती है।
सूत्रों का कहना है कि इंटरसेप्ट से पता चलता है कि आतंकी आकाओं ने अपने गुर्गों को कश्मीर में शांति भंग करने के लिए टारगेट किलिंग और सुरक्षा बलों के छोटे-बड़े ठिकानों पर ग्रेनेड हमले करने के निर्देश दिए हैं। बातचीत से यह भी पता चलता है कि सक्रिय गुर्गों को कट्टर सोच वाले हाइब्रिड लोगों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, ताकि अगर वे आतंकी हमले में सफल हो जाएं, तो जांच से बच सकें।
कौन होते हैं हाइब्रिड आतंकी?
हाइब्रिड आतंकी वे लोग होते हैं जिनके नाम सुरक्षा बलों की लिस्ट या डेटाबेस में नहीं होते। वे आम नागरिकों की तरह जिंदगी जीते हैं- जैसे छात्र, मजदूर या कर्मचारी- लेकिन साथ ही इतने कट्टर हो जाते हैं कि आकाओं के कहने पर अक्सर पिस्तौल या ग्रेनेड से टारगेटेड हमले कर सकें। हमले के बाद वे हथियार फेंक देते हैं और वापस समाज में घुल-मिल जाते हैं, जिससे उन्हें फुल-टाइम आतंकियों की तुलना में ट्रैक करना ज्यादा मुश्किल होता है। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, "उनकी भर्ती और ब्रेनवाशिंग अक्सर ऑनलाइन होती है; उन्हें सीमित लोकल या रिमोट ट्रेनिंग मिलती है और 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) या लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ULC जैसे ग्रुप्स और इसी तरह के दूसरे संगठनों द्वारा खास कामों के लिए स्टैंडबाय पर रखा जाता है। यह 'लो-सिग्नेचर मॉडल' सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां पैदा करता रहता है। इन योजनाओं को नाकाम करने के लिए श्रीनगर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों और हाईवे समेत पूरी घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।" बता दें कि इससे पहले NIA ने जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में 10 जगहों पर छापेमारी की थी।
सुरक्षाबलों को कैसे मिली कामयाबी?
संदिग्ध गतिविधियों के बारे में खास खुफिया जानकारी के आधार पर, संयुक्त रूप से अचानक घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया, तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई, न केवल दिन बल्कि रात की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई, साथ ही शहरों और नियंत्रण रेखा (LoC) पर गश्त भी बढ़ाई गई। कड़ी निगरानी की वजह से सुरक्षा बल पिछले 90 घंटों में कुछ सफल ऑपरेशन करने में कामयाब रहे। 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और पूरे कश्मीर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें 1 AK राइफल, 2 AK मैगजीन, 10 हैंड ग्रेनेड, सौ से अधिक गोलियां, 1 IED और देश-विरोधी दस्तावेज और पोस्टर शामिल हैं।
गिरफ्तार आतंकवादियों की हुई पहचान
कुलगाम पुलिस, 9 राष्ट्रीय राइफल्स और 18 बटालियन CRPF ने पांच हाइब्रिड आतंकवादियों को पकड़ा है। पुलिस ने उनकी पहचान फरहान अहमद वानी (22), सोहैब अहमद पाला (20), सलमान अब्बास लोन (20), निदाश अहमद रेशी (22) और फैजल अकबर (30) के तौर पर की। उनके पास से चार 9mm पिस्तौल, चार मैगजीन, 22 राउंड गोला-बारूद और 2 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। इन लोगों से आगे की पूछताछ की जा रही है क्योंकि वे हाइब्रिड थे और सुरक्षा बलों की 'वॉन्टेड लिस्ट' में उनका कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस कार्रवाई को एक संभावित बड़े आतंकी साजिश को नाकाम करने के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें ऐसे लोगों का इस्तेमाल किया जाना था जिनका पहले ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था।
इसके अलावा, शोपियां पुलिस ने तीन लोगों- जुनैद मुजफ्फर डार, आमिर यूसुफ और जुनैद बशीर डार (सभी कुलगाम के रहने वाले)- को ले जा रही एक मोटरसाइकिल को रोका और उन्हें गिरफ्तार किया। उनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए गए।
एक अन्य जांच चौकी पर शोपियां पुलिस, 34 राष्ट्रीय राइफल्स और 178 बटालियन CRPF ने अनंतनाग के तीन और आतंकी सहयोगियों- हारिस मंजूर, आशिक हुसैन और आरिफ अहमद कुमार को गिरफ्तार किया और उनसे 1 हैंड ग्रेनेड, दो AK-47 मैगजीन, 20 राउंड गोला-बारूद, आपत्तिजनक पोस्टर और मोबाइल फोन की बरामदगी की।
एक और बड़े सर्च ऑपरेशन में, जो खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था, पुलवामा पुलिस, 44 राष्ट्रीय राइफल्स और 183 बटालियन CRPF ने घेराबंदी और तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) के दौरान जंगल से संदिग्ध हालत में बाहर निकल रहे दो लोगों- लतीफ अहमद दीदार और एजाज अहमद बाजाद को रोका और उनके पास से एक पिस्तौल, पिस्तौल के 12 राउंड और 1 हैंड ग्रेनेड बरामद किया।
बारामूला में भारी मात्रा में हथियार बरामद
दक्षिण कश्मीर के अलावा, सुरक्षाबलों को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके में भी बड़ी कामयाबी मिली। सेना, CRPF और पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में, पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर एक AK-सीरीज की राइफल, तीन मैगजीन, 4 हैंड ग्रेनेड, भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया। इन कार्रवाइयों की वजह से घाटी में आतंकवादियों द्वारा रची गई बड़ी आतंकी साजिशों को नाकाम किया जा सका है।
लगातार जारी है अभियान
सभी मामलों में कनेक्शन का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। आला अधिकारियों ने बताया कि ये सफल ऑपरेशन चलाने वाले सुरक्षाबल उस लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा हैं, जिसमें आतंकियों के ठिकाने, हथियारों के जखीरे, हाइब्रिड मॉड्यूल और स्थानीय सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि दबाव बनाए रखने के लिए LoC से लेकर कस्बों, शहरों और हाईवे तक लगातार कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
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