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भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे बंद, अलग-अलग घटनाओं में 23 की मौत, 7 लापता

लगातार चौथे दिन भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में बाढ़ और मलबा गिरने से अब तक 23 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, और 7 लापता हैं।

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Image Source : PTI जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में पिछले 4 दिन से भारी बारिश हो रही है।

Highlights

  • लगातार चौथे दिन भारी बारिश से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहा।
  • बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 23 लोगों की मौत, 7 लापता लोगों की तलाश जारी।
  • अमरनाथ, वैष्णो देवी और माछैल माता यात्राएं स्थगित, प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की।

जम्मू: जम्मू एवं कश्मीर के जम्मू संभाग में लगातार चौथे दिन हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। भारी बारिश से कई जगह भूस्खलन, मलबा गिरने और पहाड़ों से पत्थर आने की घटनाओं के चलते बुधवार सुबह जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से मौसम सामान्य होने और सड़क सुरक्षित घोषित होने तक इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। ट्रैफिक डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र 'ऑल वेदर रोड' है, बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे दोनों ओर से बंद कर दिया गया।

मलबा हटाने के लिए मशीनें और कर्मचारी तैनात

बता दें कि लगातार बारिश के कारण उधमपुर से बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन, मलबा गिरने और पहाड़ों से पत्थर आने की घटनाएं हुईं। सड़क से मलबा हटाने के लिए संबंधित एजेंसियों ने मशीनें और कर्मचारी मौके पर तैनात कर दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 153 मिलीमीटर बारिश कठुआ जिले में दर्ज की गई। इसके बाद सांबा में 133 मिलीमीटर, उधमपुर में 112.6 मिलीमीटर, जम्मू में 62.1 मिलीमीटर, कटरा में 58.5 मिलीमीटर, पुंछ में 51 मिलीमीटर और राजौरी में 40.5 मिलीमीटर बारिश हुई। विभाग ने गुरुवार शाम तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 23 की मौत

लगातार हो रही बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर की लगभग सभी नदियां और जल स्रोत उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में अचानक आई बाढ़ से लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया है। रविवार से अब तक पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं। भारी बारिश से सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें और पुल बह गए हैं, जबकि अनेक क्षेत्रों में बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेज

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें दिन-रात राहत कार्य में जुटी हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, सड़कों की आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

पूरे घटनाक्रम पर है सरकार की नजर

अधिकारियों ने बताया कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना, आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा और युवा सेवा एवं खेल मंत्री सतीश शर्मा ने राजौरी जिले का दौरा कर बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों और आवश्यक सेवाओं की बहाली की समीक्षा की। दोनों मंत्री राजौरी के सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए राहत एवं पुनर्वास केंद्र भी पहुंचे। वहां उन्होंने राहत शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। (PTI इनपुट्स के साथ)

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