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लद्दाख को मिलेगा पहला मेडिकल कॉलेज, 2027 से शुरू होगी पढ़ाई; 103 पदों पर भर्ती को मंजूरी

केंद्र सरकार ने कॉलेज के लिए 103 पदों पर भर्ती शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अब इमारत का 80 प्रतिशत काम पूरा होने से पहले ही शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती की जा सकेगी।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना- India TV Hindi
Image Source : PTI लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना

लद्दाख का पहला मेडिकल कॉलेज वर्ष 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह के स्टिपुक फारका में प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) को निर्धारित समय पर शुरू करने के लिए फैकल्टी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। इसके तहत बुनियादी ढांचे का 80 प्रतिशत निर्माण पूरा होने से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए एकमुश्त छूट प्रदान की गई है।

लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मंजूरी का स्वागत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत 103 नियमित पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे कॉलेज को निर्धारित समय पर शुरू करने की तैयारियों में तेजी आएगी।

उपराज्यपाल सक्सेना ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'X' पर कहा कि उन्होंने बुनियादी ढांचे के 80 प्रतिशत निर्माण की शर्त में छूट देने का अनुरोध किया था, ताकि फैकल्टी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती समय रहते शुरू की जा सके। उन्होंने इस अनुरोध पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद किया।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अक्टूबर, 2026 को जारी पत्र के माध्यम से लद्दाख के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव को इस निर्णय की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने प्रस्ताव की जांच के बाद निर्धारित शर्तों के साथ सहमति प्रदान की है।

103 नियमित पदों पर चरणबद्ध भर्ती

मंत्रालय के पत्र के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के लिए 103 पदों को 27 नवंबर, 2024 को व्यय विभाग के नोट के माध्यम से स्वीकृति दी गई थी। इन पदों पर भर्ती 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाली शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। लद्दाख प्रशासन ने 5 अगस्त, 2026 को भेजे गए अपने पत्र में भर्ती की आवश्यकताओं और योजना का जिक्र किया था।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी पदों को स्वीकृत भर्ती नियमों के अनुसार, नियमित आधार पर भरा जाना चाहिए। कॉलेज के लिए की जाने वाली अंतरिम व्यवस्थाएं अस्थायी होंगी और स्टिपुक फारका में प्रस्तावित स्थायी शैक्षणिक ढांचा तैयार होने के बाद सभी सुविधाओं और व्यवस्थाओं को वहां स्थानांतरित करना होगा।

प्रशासन को स्थायी परिसर तैयार करने के लिए उचित समय-सीमा निर्धारित करने और अंतरिम व्यवस्थाओं को स्थायी परिसर में स्थानांतरित किए जाने के बाद व्यय विभाग को इसकी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

लद्दाख में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कॉलेज शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए क्षेत्र से बाहर जाने की मजबूरी कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही, इस संस्थान से लद्दाख की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, कठिन जलवायु और विशेष चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित पहुंच के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज से भविष्य में प्रशिक्षित चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करेगा कि मेडिकल कॉलेज 2027-28 के शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों के पहले बैच का स्वागत करने के लिए तैयार हो। भर्ती प्रक्रिया को निर्माण कार्य के साथ आगे बढ़ाने से कॉलेज को निर्धारित समय पर शुरू करने में होने वाली संभावित देरी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

(इनपुट- PTI)

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