उधमपुर/जम्मू: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उधमपुर में सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय में 2,500 सैनिकों के साथ योग किया। उन्होंने सैनिकों से रोज योग करने की अपील करते हुए कहा कि यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से युद्ध के लिए तैयार रखता है। सिंह ने कहा, 'योग एक सैनिक को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करता है और इसका लाभ युद्ध के मैदान में देखा जा सकता है।' उन्होंने सैनिकों के अनुशासन और एकाग्रता में योग के प्रभाव की तारीफ की। इस मौके पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा भी मौजूद थे।
‘योग हमें प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि सक्रिय बनाता है’
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुश्किल इलाकों में अग्रिम चौकियों पर भी सैनिकों ने उत्साह के साथ योग सत्र में हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री ने योग को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा, 'योग अव्यवस्थित लोगों को स्पष्टता प्रदान करता है। यह एक कला है, एक विज्ञान है, एक दर्शन है और आध्यात्मिकता है। जो लोग अपने दैनिक जीवन में योग का अभ्यास करते हैं, वे अपने शरीर और मन पर नियंत्रण रख पाते हैं। यह हमें प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि सक्रिय बनाता है।' ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने इस अभियान में संयम, संतुलन और सटीकता दिखाई, जो योग से मिलने वाली आंतरिक शक्ति का नतीजा है।
राजनाथ ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर की चर्चा
योग सत्र के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तरी कमान मुख्यालय में सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, सीमा क्षेत्रों, आतंकवाद विरोधी अभियानों और 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई।बैठक में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यह यात्रा 2 मार्गों, पहलगाम (48 किमी) और बालटाल (14 किमी) से होती है। (PTI)