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धनबाद के झरिया कस्बे में जमीन धंसने से गड्ढे में गिरा एक मिनी ट्रक, पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

धनबाद जिले के झरिया कस्बे में जमीन धंसने से वहां खड़ा एक मिनी ट्रक गड्ढे में जा गिरा। पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS प्रतीकात्मक फोटो

झारखंड में धनबाद जिले के झरिया कस्बे में एक मिनी ट्रक जमीन धंसने के कारण गड्ढे में गिर गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने बताया कि झरिया थाना क्षेत्र में व्यस्त इंदिरा चौक के नजदीक एक वर्कशॉप के पास शुक्रवार रात करीब नौ बजकर 45 मिनट पर हुई इस घटना के चलते लगभग 10 फुट चौड़ा और 15 फुट गहरा गड्ढा बन गया। बता दें कि इस क्षेत्र में जमीन धंसने की यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी एक घटना हो चुकी है। 

झरिया थाना प्रभारी शशिरंजन कुमार ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। उन्होंने कहा, "किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मोटर गैराज के पास खड़ा एक खराब मिनी ट्रक जमीन धंसने से बने गड्ढे में जा गिरा।" इस इलाके में जमीन धंसने की यह दूसरी घटना है। 

BCCL ने जगह खाली करने का जारी कर रखा है नोटिस

अधिकारियों के अनुसार, 6 जून, 2017 को सड़क किनारे गैराज चलाने वाले बबलू खान (40) और उसके 14 वर्षीय बेटे रहीम खान की जमीन धंसने से बने गड्डे में गिरकर मौत हो गई थी। इंदिरा चौक के पास 50 से ज्यादा परिवार रहते हैं और घटनास्थल के पास 100 से ज्यादा दुकानें हैं। खदान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) ने जमीन के नीचे आग लगने के कारण इस क्षेत्र को पहले ही खतरनाक क्षेत्र घोषित किया हुआ है और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने भी निवासियों को जगह खालीन करने का नोटिस जारी कर रखा है। 

'बीसीसीएल साउथ तिसरा कोलियरी' परियोजना अधिकारी संजीव कश्यप ने कहा, "इस क्षेत्र को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया गया है और निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। लेकिन वे वहां से जाने को तैयार नहीं हैं।" 

स्थानीय निवासियों ने लगाए ये आरोप

स्थानीय निवासी समा खातून (40) ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल ने निवासियों की जानकारियां तो ले लीं लेकिन अब तक उन्हें कोई आवास नहीं दिया गया। वहीं, एक अन्य निवासी नजमा बेगम (85) ने बताया कि बीसीसीएल ने क्षेत्र के निवासियों को बेंगरिया टाउनशिप में दो कमरों वाले फ्लैट देने की पेशकश की है। उन्होंने पूछा, “मेरे पांच बेटे हैं। मैं पांच बेटों और उनके परिवारों के साथ दो कमरों वाले फ्लैट में कैसे रह पाऊंगी? वे यहां अपनी आजीविका के लिए दुकानें भी चलाते हैं। तो हम झरिया कैसे छोड़ सकते हैं?” 

झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के पुनर्वास के लिए संशोधित झरिया मास्टर प्लान को लेकर रविवार को धनबाद में अधिकारियों के साथ बैठक की। (पीटीआई इनपुट)