झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में सोमवार से झमाझम बारिश की संभावना जताई है। विभाग की ओर से अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। इस बीच सारंडा की कुइली नदी में तीन लोग बह गए। इनमें से एक महिला का शव बरामद हो चुका है, लेकिन दो लोग अभी भी लापता हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और आसपास के जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलजमाव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन ने भी संभावित बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 72 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश के कारण जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
500 मीटर दूर मिला महिला का शव
पश्चिमी सिंहभूम जिले में छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गांव में रविवार देर शाम कुइली पहाड़ी नदी की तेज धार में तीन लोग बह गए। इनमें से एक महिला का शव रविवार को घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा हुआ बरामद किया गया। मृतका की पहचान बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू की मां के रूप में की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के बाद से ही स्थानीय लोग नदी के आसपास लगातार खोज अभियान चला रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में महिला का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर शव को बाहर निकाला। शव बरामद होने की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे के बाद से मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू और बहदा गांव निवासी बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू अब भी लापता हैं। दोनों की तलाश में ग्रामीण लगातार नदी के आसपास खोजबीन कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार से लौट रहे थे गांव के लोग
बताया जा रहा है कि तीनों ग्रामीण रविवार को एक ग्रामीण के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी इलाके में हुई तेज बारिश के कारण कुइली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। संभलने का मौका मिलने से पहले ही तीनों ग्रामीण पानी की तेज धार में बह गए। अंधेरा, लगातार हो रही बारिश और नदी का तेज बहाव लापता ग्रामीणों की तलाश में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण हिम्मत नहीं हार रहे हैं और नदी के किनारे लगातार दोनों लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
(गंगाधर पांडे की रिपोर्ट)
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