झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार शुक्रवार को हुए पहलगाम हमले के बाद राष्ट्रीय शोक और केंद्र द्वारा जवाबदेही की कमी पर अपनी टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए। राज्य सरकार में शहरी विकास और आवास, उच्च और तकनीकी शिक्षा और पर्यटन सहित कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे कुमार ने बयान देते हुए कहा था कि कश्मीर में हमले के दौरान अपने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल रहने के लिए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू को इस्तीफा दे देना चाहिए। "न तो प्रधानमंत्री, न ही रक्षा मंत्री और न ही गृह मंत्री ने सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी ली है।" अपने बयान में उन्होंने कहा था, "अगर देश शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है, तो राष्ट्रीय शोक की घोषणा क्यों नहीं की गई?"
विवादों में आने के बाद क्या बोले सुदिव्य कुमार
हालांकि, विवादों में आने के बाद शुक्रवार को सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह टिप्पणी "व्यंग्यात्मक रूप से" की थी, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदारी उच्चतम स्तर पर तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर प्रधानमंत्री जवाब नहीं देंगे, तो कौन देगा?" "नैतिक जवाबदेही" के उदाहरणों का हवाला देते हुए कुमार ने राष्ट्रीय त्रासदियों के बाद लाल बहादुर शास्त्री और नीतीश कुमार के रेल मंत्री के रूप में तथा शिवराज पाटिल के गृह मंत्री के रूप में इस्तीफे की ओर इशारा किया। मंत्री ने कहा, "पहले, नेता उच्च मानक स्थापित करते थे और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते थे। अब ऐसा क्यों नहीं है?" "पहलगाम की घटना में छह आतंकवादी 300 किलोमीटर की दूरी से घुसपैठ कर आए थे। यह किसकी विफलता है, अगर केंद्र की नहीं? तो महबूबा मुफ्ती (पीडीपी प्रमुख) जवाबदेह नहीं हैं।
सुदिव्य कुमार के बयान पर क्या बोले बाबू लाल मरांडी
बता दें कि सुदिव्य कुमार के इस बयान के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्ष के नेता और झारखंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनकी टिप्पणी को "शर्मनाक और अपमानजनक" करार दिया, खासकर ऐसे समय में जब "न केवल राष्ट्र, बल्कि पूरी दुनिया कश्मीर में हुई त्रासदी पर शोक मना रही है"। मरांडी ने कहा, "मंत्री द्वारा कहा गया व्यंग्य उनके गहरे अहंकार और पागलपन का प्रतिबिंब है, जो उन्हें जकड़ चुका है। उनका व्यवहार बेहद शर्मनाक है।" हालांकि न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जब सुदिव्य कुमार से आगे संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
(इनपुट-भाषा)