A
  1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से होगा शुरू, संसदीय कार्य मंत्री ने दी ये जानकारी

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से होगा शुरू, संसदीय कार्य मंत्री ने दी ये जानकारी

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र एक अगस्त से सात अगस्त तक चलेगा। इस दौरान विपक्ष कई मुद्दों को उठा सकता है। इसलिए सदन हंगामेदार भी रह सकता है।

झारखंड विधानसभा - India TV Hindi
Image Source : ANI झारखंड विधानसभा

रांचीः झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने बुधवार को आगामी मानसून सत्र के दौरान सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा और इसमें पांच कार्य दिवस होंगे। बैठक के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि 29 बिंदुओं पर चर्चा हुई।

संसदीय कार्य मंत्री ने दी ये जानकारी

मत्री ने बताया कि स्पीकर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और सदन की अन्य कार्यवाही के दौरान अधिकारी दीर्घा में अपने वरिष्ठ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। किशोर ने बताया कि महतो ने यह भी निर्देश दिया कि सदन के सदस्यों को उनके प्रश्नों के उत्तर समय पर मिलें ताकि वे अपने पूरक प्रश्नों की तैयारी कर सकें।

मीटिंग में स्पीकर ने बिजली विभाग को सत्र के दौरान उचित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। किशोर ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में एक चर्चा के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई थी। बैठक के दौरान सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

ज्वलंत मुद्दों पर नोट्स तैयार रखने को कहा

किशोर ने कहा कि निर्धारित एजेंडे के अलावा मैंने अधिकारियों से राज्य के मौजूदा ज्वलंत मुद्दों पर नोट्स तैयार रखने का आग्रह किया है, क्योंकि विपक्ष सत्र के दौरान इन मुद्दों को उठा सकता है। किशोर ने कहा, "मैंने एक मुद्दा भी उठाया। बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में 391 प्रश्न उठाए गए, लेकिन विधानसभा सचिवालय को अब तक केवल 31 प्रश्नों के ही उत्तर मिले हैं। यह बेहद चिंताजनक है।"

इससे पहले झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सोमवार को कहा था कि सरकार एक अगस्त से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और कृषि विश्वविद्यालयों को छोड़कर सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक व्यापक अधिनियम बनाने संबंधी विधेयक सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।

इनपुट- भाषा