झारखंड के रांची में प्रदर्शन पर बैठे छात्रों की एक टीम ने हेमंत सरकार के मंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में छात्रों की मांगें सुनी गईं और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी परेशानियों को दूर किया जाएगा। हालांकि, छात्रों का कहना है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। देवेंद्र मेहतो इस स्थिति में नहीं हैं कि वह खुद मीटिंग में शामिल हो सकें। इसलिए उनकी टीम मीटिंग में पहुंची। बैठक के बाद झारखंड सरकार ने रिक्रूटमेंट एग्जाम में सुधार के लिए सुझाव मांगते हुए ईमेल ID (jpsc.jssc.feedback@gmail.com) जारी की है। झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बातचीत के नए दौर के बाद कहा कि उम्मीदवारों को रिक्रूटमेंट प्रोसेस में गड़बड़ियों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग स्टूडेंट यूनियन से मिलेंगी और नतीजों के बारे में सीएम को बताएंगी।
स्टूडेंट्स के डेलिगेशन से शुक्रवार को भी मीटिंग हुई। इसमें छात्रों ने जो आरोप लगाए थे वो सरकार ने लिखित में मांगे है। सरकार ने लिखित में आरोप पत्र, धांधली के सबूत लिखित में मांगे हैं। एक-दो दिन में ये सबूत छात्र डेलिगेशन सरकार को लिखित में देंगे फिर सरकार जवाब देगी। छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने की जो अपील की थी, उसे अब तक वापस नहीं लिया गया है। शुक्रवार को भी छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लंबी मीटिंग हुई थी। झारखंड सरकार के साथ बातचीत के बाद उम्मीदवारों ने कहा कि 14वीं JPSC एग्जाम कैंसिल करने समेत सभी मांगें पूरी होने तक प्रोटेस्ट जारी रहेगा। झारखंड सरकार ने छात्रों को स्टूडेंट्स द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए जल्द फैसले का भरोसा दिया।
स्टेट गेस्ट हाउस में होगी मुलाकात
स्टेट गेस्ट हाउस रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के 8 सदस्य छात्रों ने बातचीत की। इस मंच के छात्र 2 जुलाई को JPSC द्वारा 14 वीं सिविल सेवा पिटी परीक्षा में हुई गडबड़ी का उजागर करते हुए 5 जुलाई से निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। इन छात्रों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का 15 वीं दिन जारी है। इन छात्रों के समर्थन में छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल में हैं। भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई है।
सभी छात्रों की मांगें समान
छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "टीम के द्वारा सूचना मिली है कि हमारा प्रतिनिधिमंडल आज 10 बजे सर्किट हाउस में वार्ता के लिए जाएगा। कितने लोग बातचीत के लिए मिलने जा रहे हैं, ये बहुत महत्वपूर्ण बात नहीं है। हम सबकी मांगें समान हैं और ये मांगें पूरी होनी चाहिए।" वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने कहा, "मेरा शुगर, बीपी, सब कुछ कम हो गया है। डॉक्टर ने मुझे पानी पीने को कहा है। लेकिन मुझे लगता है कि मुझे इस देश के लिए अपना शरीर और जान कुर्बान कर देनी चाहिए, क्योंकि यह सरकार जागने को तैयार नहीं है। हमें बताया जा रहा है कि बातचीत मुख्यमंत्री से नहीं, बल्कि उनके मंत्रियों से होगी। मैं सीएम से कहना चाहता हूं कि वे इस विरोध प्रदर्शन को लंबा खींच रहे हैं। हम सीएम से सीधे बात करना चाहते हैं, और यह बातचीत वीडियो पर रिकॉर्ड होनी चाहिए; यह बातचीत राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और राज्य के न्यूज चैनलों के सामने होनी चाहिए, और किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि खुले मैदान में होनी चाहिए।"
छात्रों ने सरकार को दी चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्र कुश महतो ने कहा, "हमने 10 लोगों को चुना है, शायद हर तरफ से पांच लोग होंगे। बातचीत देवेंद्र महतो की अगुवाई में होगी। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे। हम दिन-ब-दिन कमजोर हो रहे हैं, हमारी ऊर्जा खत्म हो रही है, लेकिन हमारा हौसला नहीं टूट रहा है। अगर हेमंत सोरेन इस बार हमारी मांगें पूरी नहीं करते हैं, तो पूरे झारखंड के छात्र हमारी भूख हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।"
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