बच गई वकील की जान, ठिकाने लगाने की थी पूरी तैयारी, वारदात से पहले पुलिस ने अपराधियों को पकड़ा
धनबाद के एक प्रतिष्ठित वकील की हत्या की साजिश जेल में बंद एक दुर्दांत अपराधी के द्वारा रची गई थी लेकिन वारदात से पहले पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।

धनबाद: झारखंड के धनबाद में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया है। अपराधी शहर के प्रख्यात क्रिमिनल लॉयर मोहम्मद जावेद की हत्या की योजना बना रहे थे। लेकिन इससे पहले कि वे इस वारदात को अंजाम देते पाते, पुलिस ने अपराधियों का दबोच लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि सारी साजिश रामगढ़ जेल में बंद एक अपराधी के इशारे पर रची गई थी। पुलिस ने शनिवार को हत्या से ठीक पहले छापेमारी कर एक युवक को देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जेल से चल रहा था आपराधिक नेटवर्क
धनबाद पुलिस ने एक गंभीर आपराधिक साजिश का भंडाफोड़ किया है। डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रकाश सोय ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह साजिश चार साल पहले 6 सितम्बर 2022 को मुथुत फाइनेंस में हुए मुठभेड़ में घायल हुए एक अपराधी के इशारे पर रची गई थी, जो वर्तमान में जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, जेल में बंद इस अपराधी की कानूनी पैरवी करने का दबाव वकील मोहम्मद जावेद पर बनाया जा रहा था, इसके लिए उन्हें मोटी रकम भी दिए जाने की बात सामने आयी है । जब जावेद ने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो जेल में बंद अपराधी ने उनकी हत्या की साजिश रचने का फैसला किया।
दो दिनों से चल रही थी रेकी, शनिवार को करना था हत्या
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी दो दिनों से वकील जावेद की आवाजाही और उनकी दिनचर्या की रेकी कर रहे थे। उनकी योजना थी कि शनिवार (13 सितंबर) को जावेद की हत्या को अंजाम दिया जाए। लेकिन पुलिस की समय रहते कार्रवाई ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
गुप्त सूचना पर छापेमारी, एक गिरफ्तार
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधकर्मी हथियारों के साथ भूली के सी-ब्लॉक स्थित छठ घाट के पास एक सुनसान स्थान पर जुटे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर तत्काल छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद बाइक सवार युवक भागने लगे। अंधेरे का फायदा उठाकर तीन युवक मौके से फरार होने में सफल रहे, लेकिन भागने के दौरान गिर पड़े एक युवक को पुलिस टीम ने पकड़ लिया।
पिस्टल और कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ आलम (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रशीद आलम का पुत्र है और निचितपुर टाउनशिप, शिव मंदिर के पास, थाना ईस्ट बसुरिया ओपी, धनबाद का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पैंट की कमर में बाईं ओर छिपाकर रखा गया एक देशी पिस्टल और बाईं जेब से जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके पेंदे पर "8 MM KF" अंकित था।
अधिवक्ता जावेद पर दबाव बनाने की कोशिश
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के मिलकर झरिया निवासी अधिवक्ता मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश रच रहा था। पुलिस के मुताबिक, जेल में बंद अपराधी की पैरवी करने का दबाव जावेद पर बनाया जा रहा था जिसके एवज में अपराधियों के अनुसार उन्हें मोटी रकम भी दी गयी थी , लेकिन जावेद ने इससे इनकार कर दिया था। इसके बाद हत्या की साजिश रची गई।
धनबाद के चर्चित क्रिमिनल लॉयर
मोहम्मद जावेद धनबाद कोर्ट के एक जाने-माने और अधिवक्ता हैं, जो झरिया के रहने वाले हैं। वे चर्चित आपराधिक और राजनीतिक मामलों में अपनी पैरवी के लिए विख्यात हैं। जावेद पर 9 साल पहले भी अशोक नगर के पास जानलेवा हमला हुआ था, जब शूटरों ने उनकी कार पर दो फायर किए थे, लेकिन वह बाल-बाल बच गए थे।
फरार आरोपियों की तलाश तेज, मामला दर्ज
पुलिस अब फरार तीन आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है, साथ ही यह भी पता लगाने में जुटी है कि जेल में बंद कौन सा अपराधी इस साजिश का मास्टरमाइंड है और हथियार कहां से लाया गया था। इस संबंध में भूली ओपी (बैंकमोड़ थाना) में कांड संख्या-164/26 दर्ज किया गया है और धारा 111(2)/111(3)/111(4)/61(2) BNS एवं 25(1-b)a/26/35 Arms Act के तहत कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट-कुंदन सिंह, धनबाद
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