गुमला: झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शनिवार को हुई मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मारे गए तीनों नक्सली जेजेएमपी से संबंधित थे। जेजेएमपी, भाकपा (माओवादी) से अलग हुआ समूह है। उन्होंने बताया कि सुबह घाघरा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी। झारखंड पुलिस के महानिरीक्षक (अभियान) माइकल एस. राज ने बताया कि अभियान अभी भी जारी है। नक्सलियों के पास से एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस को इस समूह की गतिविधियों के बारे में विशेष जानकारी मिली थी, जिसके बाद अभियान चलाया गया।
बोकारो में मारा गया इनामी नक्सली
बता दें कि शनिवार की यह मुठभेड़ बोकारो जिले में एक और भीषण मुठभेड़ के ठीक 10 दिन बाद हुई है। 16 जुलाई को, गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोदेरा जंगल में एक अभियान के दौरान 5 लाख रुपये का इनामी माओवादी मारा गया था। इस अभियान के दौरान एक सीआरपीएफ जवान भी शहीद हो गया। दुखद बात यह है कि एक नागरिक, जिसे शुरुआत में माओवादी समझ लिया गया था, भी गोलीबारी में मारा गया। बोकारो की मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान एक वरिष्ठ कैडर के रूप में हुई थी, और उसकी मौत को इस क्षेत्र में सक्रिय विद्रोही संगठन के लिए एक झटका माना जा रहा है।
नक्सल विरोधी अभियान तेज
हाल के महीनों में झारखंड पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने राज्य भर में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा जैसे जंगली जिले अक्सर हिंसक मुठभेड़ों का केंद्र रहे हैं। कई अभियानों में हथियार, गोला-बारूद और माओवादी साहित्य बरामद किए गए हैं, जिससे इन समूहों द्वारा लगातार भर्ती और लामबंदी के प्रयासों का संकेत मिलता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के बचे हुए गढ़ों को ध्वस्त करने के लिए निरंतर दबाव और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी बेहद जरूरी है। गुमला में आज के अभियान की सफलता को इसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। (इनपुट- पीटीआई)