ऩई दिल्ली: देश में भारी बहुमत से बनी मोदी सरकार ने पिछले साल मई में शेयर बाजार के लिए मशहूर कहावत "Sell In May And Go Away" को भारतीय बाजार पर चरित्रार्थ नहीं होने दिया। इसकी मुख्य वजह दुनियाभर के निवेशकों को यह भरोसा था कि देश में बनी नई सरकार रिफॉर्म की गाड़ी को रफ्तार देगी। इस उम्मीद से शेयर बाजार में भारी निवेश हुआ और मई 2014 में शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 8 फीसद चढ़ गए। जबकि इससे पहले पिछले 20 वर्षो के आंकड़ों पर नजर ड़ाले तो मई महीने में निफ्टी का औसत रिटर्न 1 फीसद से भी कम (0.9%) रहा है।
अब पिछले तीन महीने में सेंसेक्स के 8 फीसद से ज्यादा टूट जाने के बाद निवेशकों के बीच असमंजस यह है कि शेयर बाजार के लिए इस साल मई का महीना पिछले साल की ही तरह बढ़िया रिटर्न वाला रहेगा या गिरावट बदस्तूर जारी रहेगी?
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