शिक्षक दिवस 2018: 'शिक्षक दिवस' अपने शिक्षक या अपने खास गुरु को थैंक्यू बोलने के लिए सबसे खास दिन है। यह दिन अपने आप में बहुत ही खास होता है, बचपन से लेकर बड़े होने तक जिंदगी में आप कई लोगों से मिलते हैं लेकिन किस व्यक्ति का प्रभाव आपकी जिंदगी पर हो और आपकी जिंदगी बदल जाए किसी को पता नहीं होता। अपने गुरु को प्यार दिखाने का इससे बेहतर और अच्छा दिन और कोई हो ही नहीं सकता है।
बच्चों की जिंदगी में एक शिक्षक या गुरु का अपना एक खास महत्व होता है। हर आदमी कि जिंदगी में एक गुरु जरूर होता है जिसकी बात आपको हमेशा याद रहती है और कहीं न कहीं आप उन्हीं को फॉलो करते हुए अपनी जिंदगी जीते हैं। ऐसे ही गुरु की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाएगा। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है।
5 सितंबर 1988 को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। आपको बता दें कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन आजाद भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे और भारत का हर नागरिक उनकी याद में हर साल 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है। तो चलिए देर किस बात कि आज यानि 5 सितंबर को एक बार फिर से अपने गुरु को याद करते हुए कुछ इस खास अंदाज में मनाइए शिक्षक दिवस। डिजिटल इंडिया के दौड़ में भी अपने दूर रहे रहें गुरु को इस तरह से विश कर सकते हैं।
आपको बता दें कि इस दिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाने के पीछे के एक रोचक कहानी है। इसके अनुसार एक बार कुछ शिष्यों को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन मनाने का निश्चय किया। इस बारें में जब उनके अनुमति लेने गए तो राधाकृष्णन ने कहा कि इस दिन मेरा जन्मदिन नहीं बल्कि इसे शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए। इससे मुझे गर्व महसूस होगा। तब से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।