1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. तैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशी

तैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशी

कई बार असफलता के बाद भी राधा चंद्रवंशी ने हार नहीं मानी, अब एमपीपीएसी परीक्षा में 50वीं रैंक के साथ किसान की बेटी अधिकारी बन गई हैं। इस सफलता के बाद उन्होंने अपनी सक्सेस स्टोरी साझा की है।

radha chandravanshi- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT राधा चंद्रवंशी।

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2025 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 जून की शाम को जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कचनारिया गांव की एक आम किसान की बेटी राधा चंद्रवंशी ने पूरे प्रदेश में 50वीं रैंक हासिल कर शानदार सफलता पाई है। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, राधा के पूरे परिवार और गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई। घर पर मिठाइयां बांटी गईं और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। राधा की इस  उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

संघर्षों से भरा रहा सफर

राधा चंद्रवंशी की यह सफलता वर्षों के कड़े संघर्ष और अटूट धैर्य का परिणाम है। राधा बताती हैं कि उन्होंने पीएससी परीक्षा की तैयारी वर्ष-2019 से शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्होंने करीब पांच बार राज्य सेवा परीक्षा दी, लेकिन उन्हें दो बार प्री परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा। वहीं तीन बार वे प्री में सफल भी हुईं तो मुख्य परीक्षा (मेंस) में असफल रहीं। लगातार मिल रही इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पिछले दो साल से वे घर से ही इस परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।

पहले ही प्रयास में पास की एफएसओ परीक्षा

इसी बीच करीब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2025 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की भर्ती आई तो राधा ने इसकी तैयारी शुरू की। राधा ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए अपने पहले ही प्रयास में एफएसओ परीक्षा की प्री, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में सफल होकर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया। राधा बताती हैं कि चूंकि यह भर्ती 17 साल बाद आई थी, इसलिए आम तौर पर इसकी तैयारी कोई नहीं करता है। उन्होंने महज छह महीने के भीतर एफएसओ का पूरा सिलेबस पूरा किया। इसमें काफी मेहनत लगी, लेकिन आखिर में वो सफल हो गईं।

परिवार में उच्च शिक्षा हासिल करने वाली पहली सदस्य

राधा की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उनके पिता कालूराम एक किसान हैं और परिवार में उनके दो छोटे भाई हैं। उनके घर में पहले कोई भी उच्च शिक्षित नहीं था, लेकिन शिक्षा के प्रति परिवार की सकारात्मक सोच ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की ताकत दी। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला। राधा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद कन्या शाला ब्यावरा से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की उच्च शिक्षा के लिए वे इंदौर गईं, जहां उन्होंने बायोलॉजी, जूलॉजी और बॉटनी विषयों के साथ स्नातक की पढ़ाई की। आज राधा न केवल अपने पूरे परिवार में एकमात्र उच्च शिक्षित सदस्य हैं, बल्कि वे अब अधिकारी भी बन चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के बाद अब राधा चंद्रवंशी देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना संजो रही हैं।

विपरीत परिस्थितियों में भी रखें कंसिस्टेंसी

अपनी सफलता पर बात करते हुए कचनारिया की राधा चंद्रवंशी ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से करे तो सफलता अवश्य मिलती है। हमें तैयारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इनसे घबराने की बजाए, कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ते रहे, सिलेबस के अनुसार पढ़े और रिवीजन करे तो जरूर सफलता मिलती है।

रिपोर्ट- गोविंद सोनी

ये भी पढ़ें: बैतूल में अंधविश्वास की बलि चढ़ा मासूम, जादू-टोने के शक में 12 साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या, बोरी में बंद कर नाले में फेंका शव