मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में दूसरे की मार्कशीट पर अपना नाम लिखकर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 8 टीचर्स पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 19 साल से ये सरकारी नौकरी कर रहे थे। जिला शिक्षा विभाग के द्वारा बर्खास्त करने के बाद मंगलवार को ब्यावरा सिटी थाना पुलिस के द्वारा FIR दर्ज की गई है। इसके बाद 7 फर्जी शिक्षकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से सभी को एक दिन के डिमांड पर लिया गया है।
थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि फर्जी डीएड की मार्कशीट लगाकर नौकरी पाई गई थी। इसके बाद शासन स्तर पर गठित की गई जांच टीम के द्वारा की जांच की गई, जिसमें कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी मैसूर से हुई।
इन शिक्षकों पर दर्ज हुई है FIR
थाना प्रभारी ने बताया कि पवन शर्मा, सुनील प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी, भारत सिंह यादव, हरिप्रसाद लववंशी हिम्मत सिंह मीणा पर कूट रचित दस्तावेज तैयार करने पर धारा 318(4) जालसाजी धोखा देना, धारा 336(3) कूट रचित दस्तावेज तैयार करना , धारा 338, मूल्यवान प्रतिभूति बिल इत्यादि की कूट रचना, धारा 340(2) कूट रचित दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग लाना के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही एक अन्य शिक्षक रमेश चंद्र मामले में फरार चल रहा है जिसकी भी पुलिस तलाश कर रही है।
19 साल तक करते रहे सरकारी नौकरी
फर्जी मार्कशीट के मामले की पुष्टि होने के बाद सामने आया कि सभी शिक्षक फर्जी शैक्षणिक दस्तवेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में करीब 19 साल से सरकारी नौकरी कर रहे थे। लेकिन जब मामला उजागर हुआ तो सभी शिक्षकों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। जिनसे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य में और भी टीचर्स तो फर्जी मार्कशीट से नहीं बने हैं। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है।
की जा रही पूछताछ
ब्यावरा सिटी थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी जिला शिक्षा अधिकारी सावन पाटीदार के प्रतिवेदन पर 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पीआर लेने के बाद पूछताछ की जा रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गोविंद सोनी की रिपोर्ट
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