मध्य प्रदेश में अजीबोगरीब इंजीनियरिंग के किस्से थमने का नाम नहीं ले रहे। पहले भोपाल में 90 डिग्री पर फ्लाईओवर, फिर इंदौर में भी ऐसा ही एक अजूबा पुल तान दिया। ग्वालियर में जेड-शेप नाला सुर्खियों में रहा, अब एक ऐसी सड़क का नमूना सामने आया है, जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं।
किसी एडवेंचर स्पॉट से कम नहीं ये जगह
ग्वालियर में हाउसिंग बोर्ड ने चंबल कॉलोनी में एक ऐसी सड़क तैयार कर दी है, जहां से वाहन गुजरना किसी एडवेंचर स्पॉट से कम नहीं होगा। यहां पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट का स्टे है। ठेकेदार ने काम की जल्दबाजी में पेड़ काटे बिना ही सड़क बनाना शुरू कर दिया।
ऐसे में एक बार फिर से खुदेगी ये सड़क
जब तक पेड़ नहीं कटेंगे, ये सड़क किसी काम की नहीं है। एक चौंकाने वाली बात ये है कि यहां से पेड़ों का ट्रांसप्लांट होगा, ऐसे में सड़क बनने के बाद फिर से खुदेगी।
500 मीटर की सड़क का किया जा रहा निर्माण
दरअसल, थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत चंबल कॉलोनी में कर्मचारी आवास के पास करीब 500 मीटर की सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इंजीनियरिंग का कमाल देखिए कि सड़क के एक हिस्से पर बिजली के पोल खड़े थे।
पेड़ों के बीच से निकालनी होगी गाड़ियां
साथ ही 100 साल पुराने वृक्ष भी खड़े थे। लेकिन अफसरों और ठेकेदार ने जहमत उठाने के बजाय पोल समेत ही डिवाइडर और सड़क का निर्माण कर दिया। स्थिति यह है पेड़ों के बीच से बाइक निकालने के लिए भी वाहन चालकों को जेड-शेप में जिग-जैग गाड़ी चलानी पड़ेगी।
स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश
बता दें कि चंबल कॉलोनी की 13 हेक्टेयर भूमि पर थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना का काम चल रहा है। यहां के पुराने सरकारी क्वार्टर खाली कराए जा चुके हैं और कर्मचारियों के रहने के लिए दूसरी जगह मल्टी स्टोरीज बना दी गई है। वही स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
ऐसी सड़क देख कर सभी हैरान
सड़क के बीच में बड़े-बड़े पेड़ देखकर हर कोई चौंक जा रहा है। सभी लोग हैरान हैं कि आखिर लोग यहां पर कार कैसे चलाएंगे। यहां से कार और चार पहिया वाहन निकालना किसी एडवेंचर से कम नहीं है।
भूपेंद्र भदौरिया की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें:
ग्वालियर में हाईकोर्ट के आदेश पर बुलडोजर एक्शन, टूटे 75 मकान, बेघर हुए लोगों ने खड़े किए सवाल
किस्मत हो तो ऐसी! पन्ना के आदिवासी परिवार पर दोबारा मेहरबान हुई धरती, दूसरी बार मिला लाखों का हीरो