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इंदौर में कन्या शाला की जमीन पर कब्जे की कोशिश, गुस्साए विद्यार्थियों ने हाथ-पैर से तोड़ी बाउंड्रीवॉल-VIDEO

कन्या शाला बेटमा की जमीन पर अज्ञात भूमाफिया द्वारा बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर छात्राओं में आक्रोश था। करणी सेना ने जमीन के नामांतरण और निर्माण की वैधता पर सवाल भी सवाल उठाए हैं।

गुस्साए विद्यार्थियों ने तोड़ी बाउंड्रीवॉल- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT गुस्साए विद्यार्थियों ने तोड़ी बाउंड्रीवॉल

मध्य प्रदेश के बेटमा के इंदौर रोड स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की जमीन पर बाउंड्रीवॉल तोड़कर निर्माण कार्य किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। विद्यालय की जमीन को लेकर छात्राओं में भारी आक्रोश है। विरोध में छात्राएं सड़क पर उतर आईं। आक्रोशित विद्यार्थियों ने बाउंड्रीवॉल भी तोड़ दी। वहीं, करणी सेना परिवार ने मामले में तहसीलदार, देपालपुर को आवेदन सौंपकर भूमि के स्वामित्व, नामांतरण और निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराने की मांग की है।

स्कूल की जमीन पर निर्माण को लेकर उठे सवाल

मामले को लेकर करणी सेना परिवार की ओर से दिए गए आवेदन में बताया गया कि विद्यालय के आसपास पहले से बाउंड्रीवॉल बनी हुई थी। आरोप है कि पिछले कुछ सालों में बाउंड्रीवॉल की भूमि पर अन्य पक्ष द्वारा कब्जा कर लिया गया और अब बाउंड्रीवॉल तोड़कर वहां निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद विद्यालय की जमीन की सुरक्षा और विद्यार्थियों के हितों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

किसके नाम हुआ नामांतरण, प्रशासन करे जांच

करणी सेना ने प्रशासन से संबंधित भूमि के सर्वे क्रमांक की जांच करने, नामांतरण किसके पक्ष में और किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया, इसकी जानकारी स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही यह भी पता लगाने की मांग की गई है कि विद्यालय की जमीन पर निर्माण किसकी अनुमति से किया जा रहा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच पूरी होने तक आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने की मांग की है।

छात्राओं के हितों की रक्षा की मांग

विद्यालय की बाउंड्रीवॉल और जमीन को लेकर छात्राओं में नाराजगी के बीच अब प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। विद्यालय परिसर की सुरक्षा, भूमि की स्थिति और भविष्य में किसी भी विवाद से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए मामले का जल्द निराकरण जरूरी है। छात्राओं और स्थानीय रहवासियों की नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

प्रशासनिक जांच से स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल भूमि के स्वामित्व, नामांतरण और निर्माण कार्य की वैधता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन सभी बिंदुओं पर राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

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