इंदौर ड्रग्स मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का बड़ा कबूलनामा, बोले- 'पहले ड्रग्स लेता था, अब शराब भी नहीं छूता'
इंदौर ड्रग्स मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी उलझ गए हैं और अब उनका बयान लोगों का ध्यान खींचा रहा है। नाना पटवारी ने खुद कबूल किया है कि वो पहले ड्रग्स लेते थे।

इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले में अब सियासी घमासान तेज हो गया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के बाद कई सवाल उठे। अब पहली बार मीडिया के सामने आए नाना पटवारी ने बड़ा कन्फेशन भी किया है और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रग्स मामले में पकड़े गए लोगों से उनका क्या रिश्ता है। और नाना पटवारी ने यहां तक कहा पहले में ड्रग्स लेता था लेकिन अब मैं शराब भी नहीं पीता हूं।
'टाइगर इज बैक' वीडियो से गरमाई सियासत
इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले में उस समय हलचल मच गई, जब राजेंद्र नगर पुलिस ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पूछताछ के लिए गुरुवार सुबह हिरासत में लिया। पुलिस ने उस वक्त कहा था कि प्रारंभिक कार्रवाई की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पूछताछ के बाद नाना पटवारी को छोड़ दिया गया, लेकिन मामला यहीं नहीं थमा। हिरासत से बाहर आने के बाद सोशल मीडिया पर नाना पटवारी का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो के साथ लिखा गया 'टाइगर इस बैक'। इसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। इसी दौरान यह भी सामने आया कि राजेंद्र नगर थाने में नाना पटवारी के खिलाफ नौ प्रकरण दर्ज हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से कहा गया कि इनमें अधिकांश मामले आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हैं तथा कुछ मामलों में वे बरी हो चुके हैं।
पुलिस हिरासत के तौर-तरीकों पर नाना पटवारी का गंभीर आरोप
अब पहली बार मीडिया के सामने आए नाना पटवारी ने पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए जा रहे थे। तभी सन साइन सिटी कॉलोनी के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया और अपने साथ ले गई। नाना पटवारी का आरोप है कि पुलिस पूरे दिन उन्हें अपनी गाड़ी में घुमाती रही, लेकिन ड्रग्स मामले को लेकर उनसे एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि आखिर किस वजह से हिरासत में लिया गया है। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार लोगों से संबंधों को लेकर भी नाना पटवारी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस मामले में पकड़ा गया है, वे पहले हमारे कार्यकर्ता रहे हैं और चुनाव में हमारे लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि संजय कौशल का सर्विस सेंटर है, जहां उनकी गाड़ियां सर्विस और धुलाई के लिए जाती हैं। इसी वजह से संजय कौशल से बातचीत होती रहती है। नाना पटवारी ने कहा कि इससे ज्यादा उनका ड्रग्स मामले से कोई संबंध नहीं है और पुलिस ने भी इस विषय पर उनसे कोई पूछताछ नहीं की।
अतीत में नशा करने की बात स्वीकारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नाना पटवारी का सबसे बड़ा बयान तब सामने आया, जब उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से उन्होंने पूरी तरह नशा छोड़ दिया है। अब न तो ड्रग्स लेते हैं और न ही शराब को हाथ लगाते हैं। साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पूरा केस उनके खिलाफ बनाया गया है। दूसरी ओर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कहा कि इससे ज्यादा साफ बात और क्या हो सकती है। हमें पहले से पता है कि हमारे परिवार को परेशान किया जाएगा। अगर मुख्यमंत्री हमारे परिवार को परेशान करना चाहते हैं तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। जरूरत पड़ी तो जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
मामलों पर कानूनी सलाहकार की दलील
वहीं जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार ने कहा कि नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज नौ मामलों में से पांच मामले किसानों के आंदोलन से जुड़े हैं। दो मामले चुनाव के दौरान थाने के घेराव से संबंधित हैं, जिनमें नाना पटवारी शामिल नहीं थे। एक मामला जमीन विवाद का था, जिसमें उन्हें जमानत मिल चुकी है, जबकि दो मामलों में वे बरी हो चुके हैं। फिलहाल पुलिस ड्रग्स मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं नाना पटवारी पुलिस कार्रवाई को साजिश बता रहे हैं और कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रताड़ना करार दे रही है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
रिपोर्ट- भरत पाटिल
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