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जब दही-चीनी खाकर परीक्षा देने पहुंचीं भाजपा विधायक, बोलीं– 'शिक्षा शेरनी का दूध, जो पियेगा वो...'

मध्य प्रदेश के खंडवा से भाजपा की विधायक कंचन तनवे दही-चीनी खाकर परीक्षा देने पहुंचीं। उन्होंने मास्टर ऑफ सोशल वर्क के फर्स्ट ईयर की परीक्षा दी है। विधायक ने इस दौरान कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है।

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Image Source : REPORTER विधायक कंचन तनवे ने दी परीक्षा।

सोमवार को मध्य प्रदेश के खंडवा में एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब भाजपा विधायक कंचन तनवे आम विद्यार्थियों की तरह परीक्षा केंद्र पहुंचकर परीक्षा देती नजर आईं। विधायक कंचन तनवे ने एसएन कॉलेज में आयोजित एमएसडब्ल्यू (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) प्रथम वर्ष की परीक्षा दी। परीक्षा देने से पहले वे घर से दही-चीनी खाकर निकलीं और सफलता के लिए शुभकामनाएं लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचीं।

सीखने की कोई उम्र नहीं होती- विधायक

परीक्षा केंद्र पर विधायक को देखकर छात्र-छात्राओं में भी कौतूहल का माहौल रहा। विधायक ने तय समय पर एग्जाम हॉल में बैठकर अन्य विद्यार्थियों की तरह परीक्षा दी। परीक्षा खत्म होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक कंचन तनवे ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जनप्रतिनिधियों को भी निरंतर अध्ययन करते रहना चाहिए, ताकि समाज और लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

शिक्षा शेरनी का दूध है- विधायक

भाजपा विधायक कंचन तनवे ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वो दहाड़ेगा।” विधायक ने युवाओं से नियमित अध्ययन करने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि "शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और समाज में सम्मानित बनाती है।"

खंडवा से विधायक हैं कंचन तनवे

आपको बता दें कि कंचन तनवे मध्य प्रदेश की खंडवा (रिजर्व) सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं। साल 2023 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कंचन तनवे ने भारी वोटों के साथ जीत हासिल की थी। कंचन तनवे ने चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कुंदन मालवीय को करीब 38,000 से ज्यादा वोटों से हराया था। कंचन तनवे राजनीति के साथ ही अपनी शिक्षा को लेकर भी चर्चा में बनी रहती हैं। विधायक बनने से पहले कंचन तनवे ने साल 2022 में भाजपा के समर्थन से खंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था। आपको बता दें कि टिकट न मिलने के कारण कंचन तनवे भाजपा से बागी हो गईं थी। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। चुनाव में जीत के बाद कंचन तनवे ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। (रिपोर्ट: प्रतीक मिश्रा)

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