मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक काली महिंद्रा स्कॉर्पियो-N से 1.29 करोड़ नकद जब्त किए हैं। यह पैसा गाड़ी की बॉडी के अंदर खास तौर पर बनाए गए गुप्त खानों में छिपाकर रखा गया था। इस मामले में एक गांव के सरपंच समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले में ग्राम बरखेड़ा उदा के सरपंच भवानीशंकर मीणा सहित उत्तर प्रदेश के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब नकदी के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। मुखबिर की सूचना पर विशेष टीम ने दी दबिश। इसके पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। 24 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले देवेंद्र के साथ 2 करोड़ की धोखाधड़ी हुई। यह धोखाधड़ी नकली ईमेल आईडी और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके और पैसे दोगुना करने का वादा करके की गई थी।
मंदसौर के सरपंच की बढ़ी मुस्किलें
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में बनी एक स्पेशल टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शामगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के बरखेड़ा उदा गांव में छापेमारी की गई। पुलिस को खबर मिली थी कि सरपंच भवानीशंकर मीणा के घर के पीछे बने एक बाड़े में बिना रजिस्ट्रेशन वाली स्कॉर्पियो-N खड़ी है और उसमें कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा कैश हो सकता है। यह ऑपरेशन इलाके में संदिग्ध ड्रग नेटवर्क और बिना हिसाब-किताब वाले कैश के लेन-देन के खिलाफ मंदसौर पुलिस की लगातार कार्रवाई को दिखाता है।
पुलिस ने सरपंच समेत 2 गिरफ्तार
ऑपरेशन के दौरान पुलिस को गाड़ी के पास तीन लोग मिले और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इनकी पहचान बरखेड़ा उदा के सरपंच 49 वर्षीय भवानीशंकर मीणा, 47 वर्षीय मोहम्मद इस्लाम पठान और 59 वर्षीय सूर्य प्रकाश गंगवार के तौर पर हुई। पठान और गंगवार दोनों उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने स्कॉर्पियो-N को जब्त कर लिया और आरोपियों व गाड़ी को शामगढ़ पुलिस थाने ले आई। तीनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनसे आगे पूछताछ की जा रही है। इस जब्ती के बारे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी जानकारी दे दी गई है और अधिकारियों ने कहा है कि कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कॉर्पियो-एन कार से बरामद हुए 1.29 करोड़
कार की बारीकी से जांच करने के लिए एक मैकेनिक को बुलाया गया। गाड़ी की बॉडी के कुछ हिस्सों को खोलने पर, अधिकारियों को कई छिपे हुए खानों में नोटों की गड्डियां मिलीं। कुल मिलाकर 1.29 करोड़ बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि यह छापेमारी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी, जिसमें संकेत मिला था कि यह कैश अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से आया हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पैसे के स्रोत का अभी तक पक्का पता नहीं चल पाया है। जांच करने वाले यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कैश कहां से आया, इसका इस्तेमाल किसलिए होना था और हर आरोपी की इसमें क्या भूमिका थी।
(इनपुट - अशोक परमार)
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