धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड जैसे मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। कुछ दिनों पहले टेलीग्राम पर 28 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी का केस सामने आया था और अब पुलिस ने एक और चोरों के गिरोह का खुलासा किया है। इस बार एमपी के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में 24 जुलाई 2026 को पैसे दोगुने करने और फर्जी ईमेल आईडी और दस्तावेज दिखाकर हवाला और आंगड़िया के माध्यम से ब्यावरा निवासी देवेंद्र पिता कृपाशंकर पालीवाल के साथ की गई दो करोड रुपए की धोखाधड़ी की गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
धोखाधड़ी मामले में 14 आरोपी गिरफ्तार
2 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमों का गठन कर 50 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को टीम में शामिल किया और एक माह में महाराष्ट्र पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश उत्तर प्रदेश दिल्ली हरियाणा सहित करीब 10 राज्यों में 3000 किलोमीटर तक का सफर देकर 3000 सीसीटीवी कैमरे खंगाल अलग-अलग स्थान से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद गुरुवार को राजगढ़ एसपी अमित कुमार तोलानी ने पूरे मामले का राजगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में खुलासा किया।
मालदार लोगों को करते थे चिह्नित
एसपी अमित कुमार तोलानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी पहले मालदार और जरूरतमंद लोगों को चिह्नित करते थे। इसके बाद उनसे परिचय कर बड़ी कंपनी का नाम और महंगी गाड़ियों होटल में बैठक कर व्यवस्थित दस्तावेजों का सहारा लेते थे। वहीं फर्जी ईमेल आईडी स्वीकृति पत्र और भुगतान संदेश दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीते थे। इसके बाद अधिक से अधिक राशि प्राप्त करने और नगद राशि को हवाला तथा आंगड़िया के माध्यम से अलग-अलग व्यक्तियों शहरों तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बाद सभी आरोपी आपस में राशि को बांटकर ठिकाने लगाते थे और अपने-अपने नंबर बदल लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों के नाम का किया खुलासा
एसपी ने बताया कि ठाणे निवासी आरिफ पिता साजोद्दीन हुसैन, मुंबई निवासी अशोक पिता मांगीलाल चौधरी, जोधपुर निवासी नवीन जैन, पश्चिम बंगाल सन्नी उर्फ शमीम मंडल, मुस्कीम मंडल सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में आरोपियों के पास से चार वाहन और 19 एंड्रॉइड मोबाइल भी बरामद किए गए हैं।
(गोविन्द सोनी)
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