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मानसून में पिकनिक पड़ी भारी, लोधिया कुंड और चोरल डैम में दो डूबे, सहस्रधारा में बह गया युवक

इंदौर और महेश्वर में मानसून के दौरान पानी में डूबने की तीन घटनाओं में दो किशोरों की मौत हो गई, जबकि एक युवक लापता है। चेतावनियों को नजरअंदाज कर गहरे पानी में जाना जानलेवा साबित हुआ।

MP- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT पानी में बहा शख्स।

मानसून की तेज बारिश ने जहां एक तरफ मध्य प्रदेश के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की सुंदरता को बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी तरफ ये खूबसूरत जगहें अब जानलेवा साबित हो रही हैं। रविवार को इंदौर और महेश्वर क्षेत्र से पानी में डूबने की तीन अलग-अलग दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में दो लड़कों की जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश देर शाम तक जारी रही। प्रशासन की बार-बार दी जाने वाली चेतावनियों के बावजूद पर्यटकों की लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ रही है।

लोधिया कुंड और चोरल डैम में दो हादसों से पसरा मातम

पहला हादसा महू के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोधिया कुंड पर हुआ, जहां पिकनिक मनाने आया 17 वर्षीय एक किशोर नहाते समय गहरे पानी में चला गया और डूब गया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला। दूसरा हादसा चोरल डैम में हुआ, जहां अपने दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा 15 वर्षीय किशोर गहरे पानी के पास चला गया। उसका पैर अचानक फिसल गया और वह पानी में समा गया। पास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई अधिक होने से सफलता नहीं मिली। बाद में गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया गया।

महेश्वर की सहस्रधारा में तेज बहाव में बहा युवक

तीसरी घटना महेश्वर स्थित सहस्रधारा से सामने आई, जहां 30 वर्षीय एक युवक नर्मदा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। युवक को बहता देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने मिलकर बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। रेस्क्यू टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी हुई है।

चेतावनी बोर्ड दरकिनार, सेल्फी और एडवेंचर का खतरनाक शौक

बारिश के मौसम में नदियों, कुंडों और बांधों में जलस्तर का सही अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने चोरल व लोधिया कुंड जैसे संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड्स और चेतावनी बोर्ड लगा रखे हैं। इसके बावजूद लोग सेल्फी लेने, नहाने और एडवेंचर के चक्कर में खतरनाक व प्रतिबंधित क्षेत्रों में चले जाते हैं। प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान नदी-झरनों के पास जाने से बचें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

रिपोर्ट- Bharat patil

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