मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से इलाज के लिए लाया गया एक बंदी गुरुवार सुबह सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी को धक्का देकर फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की टीमों ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद फरार बंदी सोहेल खान को जहांगीराबाद के मुर्गी बाजार से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बंदी प्रहरी से बचकर भागता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, टीटी नगर पुलिस ने सोहेल खान को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर भोपाल केंद्रीय जेल भेजा था। जेल प्रशासन के मुताबिक, उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। जेल में उसके आक्रामक व्यवहार और मानसिक स्थिति को लेकर आशंका के चलते गुरुवार सुबह उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल के मनोरोग (साइकियाट्री) वार्ड में ले जाया गया था।
हथकड़ी निकाल हो गया फरार
अस्पताल में बंदियों की लाइन में खड़े सोहेल ने मौका देखकर अपने हाथ से हथकड़ी निकाल ली। इसके बाद उसने सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी सतीश धाकड़ के साथ मारपीट की और उन्हें धक्का देकर भाग निकला। बताया जा रहा है कि आरोपी ने वार्ड का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और अपनी चप्पलें हाथ में लेकर अस्पताल परिसर से दौड़ लगा दी।
भागते समय सोहेल ने अस्पताल परिसर की ऊंची दीवार फांदने की कोशिश की। इस दौरान वह कंटीले तारों में उलझ गया, जिससे उसकी कलाई में चोट आई। आरोपी का पीछा कर रहे जेल प्रहरी सतीश धाकड़ ने भी दीवार से छलांग लगाई, लेकिन उनके पैर में चोट लगने के कारण वह आगे पीछा नहीं कर सके।
दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया
घटना की सूचना मिलते ही जेल सुपरिंटेंडेंट मानवेंद्र सिंह परिहार ने आरोपी की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान आरोपी के जहांगीराबाद के मुर्गी बाजार में होने की जानकारी मिली। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पुलिस और जेल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते बंदी के फरार होने के करीब चार घंटे के भीतर ही उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में फरार होने के दौरान की गई मारपीट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
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