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"मुंबई में काम करना है, तो मराठी आना जरूरी", परिवहन मंत्री का साफ-साफ बयान

 Reported By: Sachin Chaudhary Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 13, 2026 05:22 pm IST,  Updated : Aug 13, 2026 05:42 pm IST

रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक की डेडलाइन दी गई है, जो समाप्त हो रही है। उससे पहले परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का बयान सामने आया है।

 परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?- India TV Hindi
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने क्या कहा? Image Source : REPORTER INPUT

महाराष्ट्र सरकार ने कैब चालकों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य करने को लेकर कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित कानून में नियमों का पालन नहीं करने पर चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने का प्रावधान है महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बुधवार को कहा कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी सीखने की 15 अगस्त की समय-सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। परिवहन मंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अगर मुंबई में काम करना है, तो मराठी आना जरूरी है।

सरनाईक ने कहा, "मराठी महाराष्ट्र की भाषा है और यहां सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने वाले चालकों को मराठी का बुनियादी व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। उन्हें मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। 15 अगस्त से महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए कामकाज लायक मराठी का ज्ञान अनिवार्य होगा।"

"समयसीमा को और बढ़ाने की जरूरत नहीं"

उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार द्वारा आयोजित मराठी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सैकड़ों ऑटो-रिक्शा चालकों को प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे। सरनाईक ने कहा, "समयसीमा को अब और बढ़ाने की जरूरत नहीं है। नए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हम चालकों से मराठी का विशेषज्ञ बनने के लिए नहीं कह रहे हैं, उन्हें केवल यात्रियों से संवाद करने के लिए पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए।" 

उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक चालक पहले ही तीन महीने का व्यावहारिक मराठी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। यह दर्शाता है कि चालकों ने स्थानीय भाषा सीखने के महत्व को समझा है और वे सरकार के साथ सहयोग कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम सितंबर से कोंकण मार्गों पर 5,220 अतिरिक्त बसें चलाएगा।

मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना जरूरी

महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में प्रस्तावित बदलावों के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले मोटर कैब चालक को "मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान" होना जरूरी होगा। राज्य सरकार ने इस बारे में एक मसौदा अधिसूचना जारी की है, जिसकी एक प्रति सरनाइक के कार्यालय ने बुधवार को मीडिया के साथ साझा की। मसौदा अधिसूचना के मुताबिक, अगर यह पाया गया कि चालक को मराठी भाषा का जरूरी कामकाजी ज्ञान नहीं है तो लाइसेंस प्राधिकरण उसे यह ज्ञान हासिल करने के लिए एक महीने का समय देते हुए एक नोटिस जारी करेगा। प्रस्तावित संशोधन महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से किए जा रहे हैं। इसके तहत महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव करने का प्रस्ताव है। ये संशोधन इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे ऑटोरिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित मोटर कैब चालकों एवं परमिट धारकों पर लागू होंगे।

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