मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां प्रशासनिक संवेदनहीनता और लचर व्यवस्था की भेंट चढ़कर आज एक और बेबस नागरिक ने कलेक्ट्रेट परिसर में दम तोड़ दिया। न्याय की आस में भटक रहे गणेश बाजार निवासी देवेंद्र गोयल ने जनसुनवाई की चौखट और कोतवाली पुलिस की अनदेखी से तंग आकर कलेक्ट्रेट परिसर में ही मौत को गले लगा लिया।
हफ्तों से अधिकारियों के काट रहा था चक्कर
पीड़ित अपनी दुकान पर हुए अवैध कब्जे को लेकर हफ्तों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, लेकिन जब व्यवस्था बहरी हो गई तो उसने जहर खा लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। जहर खाने के बाद बुजुर्ग जमीन पर तड़पता रहा। उसके चारों ओर लोग भीड़ लगाए खड़े हुए थे।
महिला तहसीलदार बोलीं- ये बोतल का कमाल
इस घटना का सबसे वीभत्स चेहरा तब सामने आया, जब पीड़ित बुजुर्ग कलेक्ट्रेट में जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। मौके पर मौजूद महिला तहसीलदार मनीषा मिश्रा उसकी पीड़ा को समझने के बजाय उसे 'बोतल का कमाल' और 'मजमा' बताती रहीं।
बुजुर्ग को तड़पता देख नौटंकी भी कहा
वीडियो में तहसीलदार संवेदनहीनता की हदें पार करते हुए कहती दिखीं कि यह सिर्फ नौटंकी है। जब बुजुर्ग की हालत ज्यादा बिगड़ी, तब जाकर कागजी औपचारिकता के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई, लेकिन जिला अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित जिंदगी की जंग हार गया और उसकी मौत हो गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। हर कोई मृत बुजुर्ग के बारे में बात करता हुआ नजर आया। अभी इस मामले में मृतक बुजुर्ग के परिजनों के बयान सामने नहीं आए हैं। इस घटना के बाद से जिले में प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
श्योपुर से तालिब मोहम्मद की रिपोर्ट
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