अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पहले जीशान सिद्दीकी को मुंबई एनसीपी का अध्यक्ष बनाए जाने पर वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए। अब उमेश पाटिल को राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किए जाने पर पार्टी के मौजूदा मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव ने नियुक्ति की वैधता पर सवाल खड़े किए हैं।
जीशान सिद्दीकी को लेकर पार्टी में चर्चा तेज
प्रफुल्ल पटेल ने अपने पोस्ट में महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी को आत्ममंथन करने, संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने और जनता का विश्वास दोबारा हासिल करने की जरूरत बताई थी। इसके साथ ही जीशान सिद्दीकी को मुंबई एनसीपी का अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो गई।
उमेश पाटिल को नियुक्ति की वैधता पर सवाल
वहीं, बृजमोहन श्रीवास्तव ने 28 अक्टूबर को प्रेस नोट जारी कर उमेश पाटिल को राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सुनेत्रा पवार की ओर से जारी नियुक्ति पत्र की वैधता को चुनौती देते हुए इसे असंवैधानिक और अमान्य बताया।
दिवंगत अजित पवार ने राष्ट्रीय अधिवेशन में उनके नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। उनके मुताबिक, 30 नवंबर 2023 को आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के अनुसार उनका कार्यकाल 30 नवंबर 2028 तक है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के संविधान के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी निर्वाचित पदाधिकारी को हटाया या बदला नहीं जा सकता: बृजमोहन श्रीवास्तव
बृजमोहन ने दिया राष्ट्रीय समिति की मंजूरी का हवाला
बृजमोहन श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय समिति की मंजूरी और पार्टी के संवैधानिक प्रावधानों का पालन किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े पत्राचार का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन और उससे संबंधित दस्तावेजों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। उन्होंने सुनेत्रा पवार से विवादित नियुक्ति वापस लेने और पार्टी के संविधान के अनुसार निर्णय लेने की मांग की है।
Image Source : Reporters Inputबृजमोहन श्रीवास्तव का प्रेस नोट।
NCP में लगातार दो नियुक्तियों को लेकर उठे सवाल
लगातार दो नियुक्तियों को लेकर उठे सवालों के बाद अजित पवार की एनसीपी में संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की कार्यशैली पर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी के आत्ममंथन और संगठनात्मक बदलाव की जरूरत बताई है, वहीं दूसरी ओर बृजमोहन श्रीवास्तव ने नियुक्ति प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। ऐसे में पार्टी के भीतर चल रही असहमति आने वाले दिनों में क्या रूप लेती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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