महाराष्ट्र की लाड़की बहन योजना (Ladki Bahin Yojana) में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के बाद पता चला है कि लाड़की बहन योजना (Ladki Bahin Yojana) का फायदा पुरुष भी उठा रहे थे। योजना का लाभ लेने के लिए 16 हजार पुरुषों ने महिला के रूप में आवेदन किया था। इस योजना में 74 हजार महिलाएं ऐसे हैं जिनकी आयु 21 वर्ष से कम है। दो लाख महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी आयु 65 वर्ष से अधिक है। 10 लाख महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक है या जो आयकर (IT) रिटर्न भरती हैं। 4.5 लाख महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने बताया कि उनके परिवार का एक सदस्य सरकारी नौकरी में है।
जानें क्या क्या पता चला
जांच में ये भी पता चला है कि योजना का लाभ लेने वाली दो लाख महिलाएं ऐसी हैं जिनके पास चार पहिया वाहन है। 62 लाख महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें 5 महीने का अवसर दिए जाने के बावजूद उन्होंने ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया। ई-केवाईसी की समय-सीमा 3 बार बढ़ाई गई थी। महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे सभी लाभार्थियों को लाड़की बहन याेजना से बाहर किया है। फिलहाल पूरे महाराष्ट्र में 1.60 करोड़ महिलाओं को लाड़की बहन योजना को फायदा मिल रहा है।
80 लाख महिलाओं के कट गए नाम
महाराष्ट्र में 80 लाख महिलाओं के नाम मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना (Ladki Bahin Yojana) से कट गए हैं। ये सभी महिलाएं योजना के लिए अपात्र मानी गई हैं। विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र सरकार पर गंभीर वित्तीय संकट के कारण लाभार्थियों को बाहर करने के आरोप लगाए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि ई-केवाईसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर लगभग 1.7 करोड़ हो गई है। महिलाओं के नाम कटने की वजह योजना के मानदंडों का पालन नहीं करने से भी जुड़ा है।
क्या बंद हो जाएगी लाड़की बहन योजना
शिंदे शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि 'लाड़की बहन योजना' जारी रहेगी। महाराष्ट्र सरकार इस योजना को जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विपक्ष इस कल्याणकारी योजना के बारे में भ्रम और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हर परिस्थिति में, सरकार माताओं और बहनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखेगी।
योजना में किसके नाम कटे और क्यों नाम कटे?
लाड़की बहन योजना परिवारों के लिए है जिनकी आय सालाना 2.5 लाख रुपये से कम है। नियम के मुताबिक आवेदक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। कई महिलाओं ने फॉर्म भरते समय गलती से खुद को सरकारी कर्मचारी बता दिया है, इस वजह से उनका आवेदन रद्द हो गया है। वेरिफिकेशन की डेडलाइन 30 अप्रैल थी, लेकिन इस तारीख तक लाखों महिलाओं ने अपना ई-केवाईसी पूरा ही नहीं किया।
लाड़की बहन योजना में कितने पैसे मिलते हैं
लाड़की बहन योजना महाराष्ट्र सरकार की अहम योजनाओं में से एक है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 26,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। अगस्त 2024 से चल रही इस योजना के तहत हर लाभार्थी महिला को प्रतिमाह 1,500 रुपए दिए जाते हैं।
अपात्र लोगों को वापस करना होगा पैसा?
लाड]की बहन योजना सरकार ने जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक मदद देने के मकसद से शुरू की गई है। लेकिन बहुत से ऐसे लोग भी इसका फायदा ले रहे थे, जो योजना के मानदंड से बाहर हैं। उनके खिलाफ अब सख्त कदम उठाए गए हैं। एक तो ऐसे अपात्र लाखों नाम काट दिए गए हैं और सरकार अब इन अपात्र लोगों से भुगतान की गई राशि वापस लेने जा रही है।