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PV कुलकर्णी पर प्रशासन सख्त, पेपर लीक के काले पैसे से बनाई आलीशान इमारत, अब बुलडोजर से ढहाने की तैयारी

नीट पेपर लीक मामले से कमाए गए पैसों से पी.वी. कुलकर्णी ने नगरपालिका की किसी भी प्रकार की अनुमति लिए बिना यह आलीशान इमारत बनाना शुरू किया था। अब किसी भी समय इस निर्माण पर कार्रवाई की जा सकती है।

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Image Source : REPORTER INPUT पीवी कुलकर्णी

बीड: NEET 2026 पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी की बीड शहर में बिना अनुमति बनाई जा रही आलीशान इमारत पर कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सकती है। बीड नगरपालिका ने इस निर्माण पर नोटिस चस्पा की थी, जिसकी तीन दिन की अवधि अब समाप्त हो चुकी है। नगरपालिका के मुख्याधिकारी शैलेश खडसे ने कल इस अवैध निर्माण का निरीक्षण भी किया। साथ ही ओपन स्पेस पर अतिक्रमण किए जाने का भी नगरपालिका को संदेह है। नोटिस अवधि खत्म होने के बाद अब किसी भी समय इस निर्माण पर कार्रवाई की जा सकती है।

बिना अनुमति के बना रहा आलीशान इमारत 

नीट पेपर लीक मामले से कमाए गए पैसों से पी.वी. कुलकर्णी ने नगरपालिका की किसी भी प्रकार की अनुमति लिए बिना यह आलीशान इमारत बनाना शुरू किया था। नगरपालिका को यह भी संदेह है कि निर्माण के दौरान सार्वजनिक जगह पर अतिक्रमण किया गया है। साथ ही सड़क किनारे आवश्यक जगह नहीं छोड़ी गई है, जिसके चलते इस निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी, ऐसा मुख्याधिकारी ने फोन पर जानकारी देते हुए कहा।

नीट एग्जाम के प्रॉसेस का हिस्सा था पीवी कुलकर्णी

बता दें कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री का रिटायर्ड लेक्चरर पीवी कुलकर्णी है। CBI ने प्रोफेसर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया। पीवी कुलकर्णी, महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है, वो NTA की तरफ से नीट एग्जाम के प्रॉसेस का हिस्सा था। उसने कोचिंग के छात्रों को पेपर लीक कर सवाल-जवाब रटवाए थे। जानकारी के मुताबिक, केवल NEET 2026 लीक ही नहीं; गिरफ्तारी से पहले PV कुलकर्णी की तरफ से सेट किए गए हर एक पेपर के बारे में CBI ने पूछताछ की है। 2024 पेपर लीक और अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता हो सकती है।

स्टूडेंट्स को ऐसे करते थे अप्रोच

नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे ने पुणे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में संगठित तौर पर स्टूडेंट को अप्रोच किया। संगठित गिरोह में स्टूडेंट्स की मजबूरी के आधार पर उनका इस्तेमाल किया। एक चेन की तरह कुछ जगहों पर सेमिनार का भी आयोजन किया गया था। ज्यादातर उम्र में बड़े और अलग स्ट्रीम के बच्चों को बतौर एजेंट के तौर पर रखा गया था। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर स्टूडेंट इंजीनियरिंग स्ट्रीम के थे।

(रिपोर्ट- आमिर हुसैन)

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