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राज ठाकरे से मिलने उनके घर पहुंचे डिप्टी CM एकनाथ शिंदे, आगामी चुनाव में साथ आ सकती है शिवसेना और MNS

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की है। ये मुलाकात राज ठाकरे के शिवाजी पार्क इलाके में स्थित शिवतीर्थ बिल्डिंग में हुई है।

Eknath Shinde, Raj Thackeray- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे से मुलाकात की

मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की है। शिंदे, राज ठाकरे से मिलने उनके घर शिवाजी पार्क इलाके में स्थित शिवतीर्थ बिल्डिंग में पहुंचे। यहां दोनों नेता साथ में डिनर करेंगे। खबर ये भी है कि आगामी चुनाव में शिवसेना और एमएनएस एक साथ आ सकती है। 

फरवरी में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की भी हुई थी मुलाकात

इसी साल फरवरी में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की अपने चचेरे भाई और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुंबई में एक विवाह समारोह में मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के बाद भी ये चर्चाएं खूब हुई थीं कि क्या महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले दोनों के बीच मतभेद दूर हो जाएंगे। हालांकि इसको लेकर बाद में सारी चर्चाएं ठंडे बस्ते में चली गईं और कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकला।

ऐसे में एकनाथ शिंदे से हुई राज ठाकरे की ताजा मुलाकात ने एक बार फिर नई चर्चा को हवा दे दी है। इसमें कहा जा रहा है कि आने वाले समय में शिवसेना और MNS चुनाव को लेकर साथ आ सकती है। हालांकि अभी इस बारे में तस्वीर साफ नहीं हुई है। 

हालही में इसलिए चर्चा में थे राज ठाकरे

हालही में राज ठाकरे तब भी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने औरंगजेब की कब्र को लेकर बयान दिया था। राज ठाकरे ने कहा था, 'औरंगज़ेब की कब्र रहनी चाहिए या उखाड़नी चाहिए, इस पर अब हम असल मुद्दों को छोड़कर चर्चा कर रहे हैं। फिल्म देखकर जागने वाले हिंदू कुछ काम के नहीं हैं। विक्की कौशल फिल्म में मरा, तब लोगों को संभाजी महाराज समझ आए। औरंगजेब गुजरात में जन्मा। शिवाजी महाराज एक विचार हैं।'

राज ठाकरे ने कहा, 'अफजल खान और शिवाजी महाराज दोनों के वकील ब्राह्मण थे, लेकिन पुराने इतिहास को लेकर अभी जाति की राजनीति की जा रही है। मैं फिर एक बार कहता हूं, औरंगजेब का राज अफगान से दक्षिण तक था। औरंगजेब के बेटे को शह संभाजी महाराज ने दी थी। इतना बड़ा बादशाह क्यों महाराष्ट्र में मरते दम तक रुका, क्योंकि उसे छत्रपति शिवाजी महाराज का विचार मारना था।'