1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. खून चेक कराने गई नाबालिग, डॉक्टरों ने 3 बार प्रेग्नेंट बता दिया, सदमें में आया परिवार; बाहर टेस्ट कराया तो सामने आई सच्चाई

खून चेक कराने गई नाबालिग, डॉक्टरों ने 3 बार प्रेग्नेंट बता दिया, सदमें में आया परिवार; बाहर टेस्ट कराया तो सामने आई सच्चाई

महाराष्ट्र के एक अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां हिमोग्लोबिन की जांच कराने गई 17 साल की लड़की का प्रेग्नेंसी टेस्ट कर रिजल्ट 3 पॉजिटिव बता दिया। हालांकि, बाद में डॉक्टरों की लापरवाही का खुलासा हुआ।

महाराष्ट्र के सरकारी...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही।

डोंबिवली: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का शास्त्रीनगर अस्पताल एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार KDMC की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिमोग्लोबिन कम होने के कारण इलाज के लिए अस्पताल पहुंची एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर गर्भवती होने की जानकारी दी गई। परिवार का दावा है कि अस्पताल में उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट एक-दो नहीं बल्कि तीन बार किया गया और तीनों बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि, परिवार ने जब बाहर से प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया तो रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा किया गया। इसके बाद लड़की के गर्भवती होने की बात पर सवाल खड़े हो गए। बीजेपी नगरसेवक दीपेश म्हात्रे ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए जांच की मांग की है।

शास्त्रीनगर अस्पताल फिर विवादों में

बता दें कि महाराष्ट्र के डोंबिवली में स्थित शास्त्रीनगर हॉस्पिटल में डॉक्टर और नर्सों से मारपीट मामले में शिवसेना के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को तड़ीपार कर दिया गया है। लेकिन जिन डॉक्टरों के खिलाफ रमेश म्हात्रे ने आवाज उठाई थी वहीं डॉक्टर एक बार फिर से सवालों के घेरे में हैं।

हिमोग्लोबिन कम होने पर अस्पताल पहुंची थी नाबालिग

मिली जानकारी के मुताबिक, संबंधित नाबालिग लड़की का हिमोग्लोबिन कम था, इसी वजह से परिवार उसे इलाज के लिए शास्त्रीनगर अस्पताल लेकर पहुंचा था। अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच के दौरान परिवार को बिना बताए प्रेग्नेंसी टेस्ट की गई। परिवार का दावा है कि पहली जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई, रिपोर्ट पर विश्वास नहीं होने के बाद दोबारा जांच की गई, लेकिन दूसरी और तीसरी जांच में भी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात परिवार की ओर से कही गई है। इसके बाद परिवार ने बाहर से प्रेग्नेंसी टेस्ट किट खरीदकर जांच की, इस जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट से नाबालिग मानसिक तनाव में

प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी मिलने के बाद नाबालिग लड़की को काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा, परिवार के मुताबिक, करीब 24 घंटे तक वह मानसिक तनाव में रही और लगातार रोती रही। परिवार का कहना है कि लड़की बार-बार यह सवाल कर रही थी कि जब उसने ऐसा कुछ नहीं किया, तो उसके साथ इस तरह की स्थिति क्यों पैदा हुई। इस पूरे घटनाक्रम के कारण लड़की और उसके परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

माता-पिता को विश्वास में लिया गया था या नहीं?

बीजेपी नगरसेवक दीपेश म्हात्रे ने सवाल उठाया है कि नाबालिग लड़की की प्रेग्नेंसी टेस्ट करने से पहले क्या उसके माता-पिता को उचित जानकारी दी गई थी? माता-पिता को विश्वास में लिए बिना प्रेग्नेंसी टेस्ट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में की गई जांच, प्रयोगशाला के रिपोर्ट और बाहर की जांच में सामने आए कथित अंतर की जांच करने की मांग की गई है।

डॉक्टरों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

दीपेश म्हात्रे ने मांग की है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या गलती सामने आती है तो संबंधित डॉक्टरों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अस्पताल में प्रेग्नेंसी टेस्ट की रिपोर्ट तीन बार पॉजिटिव कैसे आई और बाहर की जांच में रिपोर्ट निगेटिव कैसे आई? क्या रिपोर्ट में तकनीकी गलती हुई, मानवीय चूक हुई या जांच प्रक्रिया में कोई कमी रही, इसकी जांच होना जरूरी है।

KDMC की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

इस कथित घटना के बाद KDMC की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार और दीपेश म्हात्रे की ओर से अस्पताल की जांच प्रक्रिया, प्रयोगशाला रिपोर्ट और संबंधित मेडिकल दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। अब इस मामले में KDMC प्रशासन और शास्त्रीनगर अस्पताल की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और जांच के बाद रिपोर्ट में अंतर की असली वजह क्या सामने आती है, इस पर सभी की नजर है।

नगरसेवक दिपेश म्हात्रे के आरोपों के बाद KDMC आयुक्त अभिनव गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मुख्य अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला ने जानकारी दी कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

(रिपोर्ट- सुनील शर्मा)

यह भी पढ़ें-

मुंबई के विलेपार्ले में बिल्डिंग में लगी भीषण आग, ढाई साल के मासूम अबीर और 23 साल की अंकिता की मौत

मुंबई के घाटकोपर में लैंडस्लाइड, मलबे में दबे कई घर, 6 लोगों की मौत, 4 घायल