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पुणे: इंद्रायणी नदी पर क्यों गिरा लोहे का पुल? जानिए क्या है हादसे की बड़ी वजह और लापरवाहियां

पुणे के इंद्रायणी नदी पर बने लोहे के पुराने पुल को गिरने की कई वजह और लापरवाहियां सामने आईं हैं। इस हादसे की वजह और लापरवाहियों की भरपाई कभी नहीं की सकती है।

क्यों गिरा लोहे का पुल- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV GFX क्यों गिरा लोहे का पुल

महाराष्ट्र के पुणे जिले में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। मावल तहसील के इंद्रायणी नदी पर बना लोहे का एक पुराना पुल गिर गया। यह पुल पैदल यात्रियों के लिए था। मावल तहसील के पास इंद्रायणी नदी पर बना 30 साल पुराना सुकाव ब्रिज रविवार दोपहर उस समय ढह गया, जब पर्यटकों की भारी भीड़ ब्रिज पर सेल्फी ले रही थी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, 38 घायल हैं। इनमें 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कैसे हुआ हादसा?

जर्जर ब्रिज: 30 साल पुराना ब्रिज काफी जर्जर हालत में था। नए ब्रिज के लिए टेंडर तो निकला लेकिन पुराने पुल को तोड़ा नहीं गया।
चेतावनी नाकाफी: प्रशासन ने पुल पर केवल एक बोर्ड लगाया था, लेकिन किसी तरह की बैरिकेडिंग या रोकथाम के ठोस उपाय नहीं किए गए।
बढ़ती भीड़, सुरक्षा नदारद: हादसे के समय पुल पर भारी भीड़ थी। कुछ पर्यटक बाइक लेकर भी पुल पर पहुंच गए, जिससे पुल पर अतिरिक्त लोड बढ़ गया।
संरचना पर दबाव: पुल पर एक बार में एक ही बाइक निकल सकती थी, लेकिन एक साथ 7-8 बाइकें आ गईं। भारी भीड़ और वजन के कारण पुल ढह गया।
पिलर सपोर्ट  की कमी: पुल को नीचे से कोई मजबूत सपोर्ट नहीं मिला था, जिससे ओवरलोड होने पर वह टूट गया।

प्रशासन और पर्यटकों की दोहरी लापरवाही सामने आई है। इस कारण इतना बड़ा हादसा हो गया। इस लापरवाही की भरपाई भी नहीं की जा सकती है।

प्रशासन की लापरवाही:

  • पुल पर सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाया गया, लेकिन आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई।
  • भीड़ नियंत्रित करने के लिए कोई सुरक्षात्मक इंतजाम नहीं किए गए।

पर्यटकों की गलती:

  • चेतावनी के बावजूद भारी संख्या में लोग सेल्फी और फोटोज़ के लिए ब्रिज पर चढ़ गए।
  • कुछ लोग प्रतिबंध के बावजूद बाइक लेकर ब्रिज पर पहुंच गए।
  • सेल्फी के चक्कर में चार लोगों की मौतें हो गईं। 

Image Source : PTIपुणे में गिरा लोहे का ब्रिज

बढ़ गई थी सेल्फी लेने वालों की संख्या

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से पहले सेल्फी लेने वालों की संख्या काफी बढ़ गई थी। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि पुल के अचानक गिरते ही लोग पानी में गिर पड़े। कुछ लोग बहाव में बह गए जिन्हें तुरंत निकाला गया। सरकार सख्ती से नियमों पर अमल करवाएं। 

प्रशासन ने पहले ही किया था अलर्ट

प्रशासन की ओर से 7 दिन पहले ही टूरिस्ट स्थलों पर चेतावनी जारी की गई थी। सेल्फी के चक्कर में जान जोखिम में ना डालें। फिर भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा था कि लोगों से अपील है कि पर्यटन स्थलों पर नियमों का पालन करें। सेल्फी की लालसा में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। सरकार और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।