बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, वारदात से पहले सिया ने राजा रघुवंशी हत्याकांड किया था सर्च
केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में 2,500 पन्नों की एक बहुत विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में बेहद गहनता और बारीकी से जांच-पड़ताल की है।

महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले की खाई में गिरने के बाद कारोबारी केतन अग्रवाल का शव मिलने के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। वडगांव मावल कोर्ट में दाखिल इस चार्जशीट में वॉट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), गवाहों के बयान और टेक्निकल एनालिसिस सर्टिफिकेट शामिल हैं। पुलिस ने लगभग 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें तीन ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने कथित तौर पर सिया और चेतन को अपराध करते हुए देखा था। उनके बयान दर्ज किए गए।
इस चार्जशीट में लोनावला पुलिस का दावा है कि केतन अग्रवाल की मौत कोई दुर्घटना (हादसा) नहीं थी, बल्कि इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। जिसके साथ साथ इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के अलावा एक अन्य सह-आरोपी रितेश हांगे को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस को किया था सर्च
चार्जशीट में जांच के दौरान इकट्ठा किए गए डिजिटल, टेक्निकल और दस्तावेज़ी सबूत भी शामिल हैं, जिनमें मोबाइल फ़ोन डेटा और CDR भी हैं। चार्जशीट के मुताबिक, जांच में पुलिस को पता चला कि सिया ने इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस को इंटरनेट पर सर्च किया था। चार्जशीट में रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी सर्च हिस्ट्री का भी ज़िक्र है।
सिया और चेतन के बीच हजारों बार फोन कॉल्स और चैट्स से बात हुई
पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी सिया और चेतन के बीच हजारों की संख्या में कॉल्स और चैट्स हुईं थीं। इसके अलावा, सिया की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में अपराध और हत्या से जुड़े मामलों (जैसे अन्य चर्चित आपराधिक मामलों) को सर्च किए जाने के सबूत भी मिले हैं।
पुलिस का यह भी आरोप है कि सिया पहले भी केतन को लोहागढ़ ले गई थीं और 14 जून को उन्हें चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वे एक झाड़ी को पकड़ने में कामयाब रहे थे। सिया और चेतन दोनों हिरासत में हैं। पुलिस ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पहले केतन को मारने का नहीं था प्लान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में महाराष्ट्र के बाहर के कई लोगों से संपर्क किया था। कथित तौर पर उनका शुरुआती प्लान केतन अग्रवाल को गंभीर चोट पहुंचाने का था। हालांकि, बाद में उन्हें आशंका हुई कि किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता से मामला जटिल हो सकता है, जिसके बाद उन्होंने यह योजना छोड़ दी। साजिश के दौरान जिन लोगों से कथित तौर पर संपर्क किया गया था, उनमें से एक व्यक्ति बाद में अभियोजन पक्ष का गवाह बन गया। पुलिस जांच के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या को खुद अंजाम देने का फैसला किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के तरीकों को समझने के लिए हत्या से जुड़ी फिल्में और पॉडकास्ट देखे-सुने।
बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को दिया अंजाम
जानकारी के अनुसार, केतन 18 जून को सिया और दो दोस्तों के साथ लोहागढ़ किला गए थे। शुरुआत में माना गया कि एक चट्टान के पास तस्वीरें लेते समय उनका पैर फिसल गया और वे लगभग 400 फ़ीट गहरी खाई में गिर गए। इससे उनकी मौत हो गई। जांच ने तब एक नया मोड़ लिया जब किले के टिकट काउंटर के पास लगे CCTV फुटेज में एक हुडी पहने व्यक्ति को केतन और सिया का पीछा करते हुए देखा गया। बाद में पुलिस ने उसकी पहचान चेतन के तौर पर की।
जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि चेतन ने अपना फ़ोन अपनी वर्कप्लेस पर छोड़ दिया था और उस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक उसकी इंटरनेट सर्विस बंद रखी थी। पुलिस ने बताया कि कॉल रिकॉर्ड्स के एनालिसिस से पता चला कि सिया और चेतन के बीच हज़ारों कॉल हुई थीं, जिनमें कई लंबी बातचीत भी शामिल थीं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि दोनों रिलेशनशिप में थे और उन्होंने केतन की हत्या की साज़िश रची थी।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया
आरोपियों ने कथित तौर पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। पुलिस के मुताबिक, इस अकाउंट पर आरोपियों की जान-पहचान की एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ आने के लिए इसी फर्जी अकाउंट से केतन अग्रवाल को मैसेज भेजा गया था। मैसेज में कथित तौर पर बताया गया कि अकाउंट चलाने वाली लड़की सिया की दोस्त है और उसने केतन से सिया को लोहगढ़ लाने के लिए कहा, ताकि उसका जन्मदिन सरप्राइज तरीके से मनाया जा सके। पुलिस ने बताया कि कथित हत्या के बाद फर्जी ‘माही’ इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया था।
इनपुट- समीर शेख, पुणे
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