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48 साल से फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 71 की उम्र में कबूला 1977 में किया अपराध

आरोपी 1977 से फरार था। वह अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था। 48 साल बाद जब उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।

Chandrashekhar kalekar- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT आरोपी चंद्रशेखर कालेकर

मुंबई पुलिस ने 48 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चंद्रशेखर मधुकर कालेकर की उम्र 71 साल हो चुकी है, जबकि अपराध के समय वह 23 साल का था। हत्या का प्रयास करने के आरोपी को पुलिस ने रत्नागिरी जिले के एक गांव से गिरफ्तार किया है। कुलाबा थाने की पुलिस लंबे समय से अटेम्प्ट टू मर्डर के आरोपी की तलाश कर रही थी और अंत में वह दापोली तालुका के करंजानी गांव से पकड़ा गया।

जानकारी के मुताबिक, सन 1977 में कुलाबा पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। चंद्रशेखर कालेकर पर एक महिला पर धारदार चाकू से हमला कर उसकी हत्या का प्रयास करने का आरोप था। मामले में मुंबई के 10वें सत्र न्यायालय ने आरोपी को सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर न होने के कारण फरार घोषित किया था।

दापोली में रह रहा था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कई सालों से अपना ठिकाना बदलता रहा था। कभी सांताक्रूज़, कभी गोरेगांव, माहीम, लालबाग और बदलापुर जैसे इलाकों में रहकर वह गिरफ्तारी से बचता रहा। उसकी पुरानी लालबाग की चॉल भी कई साल पहले तोड़ी जा चुकी थी। पिछले छह महीनों से कुलाबा पुलिस लगातार आरोपी का पता लगाने में जुटी थी। पुलिस ने मतदाता सूची, आरटीओ रिकॉर्ड्स और कोर्ट चेकर्स पोर्टल के जरिए जानकारी जुटाई, जिससे यह पता चला कि आरोपी पिछले कुछ सालों से दापोली में रह रहा है।

पूछताछ में स्वीकार किया अपराध

कुलाबा पुलिस ने दापोली पुलिस की मदद से 13 और 14 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में करंजानी गांव में छापा मारा, जहां आरोपी रात के समय एक घर में छिपा मिला। पूछताछ में उसने 1977 के अपराध की बात कबूल की। इसके बाद उसे मुंबई लाकर गिरफ्तार किया गया। पूरी कार्रवाई मुम्बई पुलिस के जोन 1 के डीसीपी डॉक्टर प्रवीण मुंडे और वरिष्ट पुलिस निरीक्षक सुधाकर देशमुख (कुलाबा पुलिस स्टेशन) के मार्गदर्शन में की गई। कुलाबा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल 48 साल पुराने केस को सुलझाने में एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, पुलिस की निगाह से कोई नहीं बच सकता।

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