महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को एक हैरान कर देने वाला आंकड़ा जारी किया है। उन्होंने जानकारी दी है कि बीते 6 साल में महाराष्ट्र में 30 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा है। राज्य सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि पिछले छह वर्षों में राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साल 2020 से 2026 के बीच करीब 30 लाख लोगों को कुत्तों द्वारा काटने के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2021 से 2023 की अवधि में 30 लोगों की कुत्तों द्वारा काटने से हुई रेबीज के चलते मौत हो गई है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
इन जिलों में ज्यादा समस्या
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया है कि मुंबई, अहिल्यानगर, वसई-विरार, सांगली, भिवंडी, रायगड और जालना में आवारा कुत्तों की संख्या में अधिक वृद्धि देखी गई है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से 5 जनवरी 2026 को एक शासनादेश जारी कर पर्यटन स्थलों और विभाग के परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं को आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए विशेष रूप से कोई अलग फंड उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कार्रवाई
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने जानकारी दी है कि अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खिलाने, नसबंदी और टीकाकरण अभियान को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद शहरी विकास विभाग और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से नवंबर 2025 में सभी स्थानीय निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया है कि राज्य में आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने और एंटी-रेबीज टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स, 2023 को लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें- टीपू सुल्तान के विवाद पर आया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान, बोले- '75 हजार हिंदुओ का कत्ल किया...'
जिस कंपनी के प्लेन में सवार थे अजित पवार, उसे लेकर एकनाथ शिंदे ने लिया बड़ा फैसला