महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में जल संकट के खिलाफ तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य के जल संसाधन और आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने मंगलवार को जानकारी दी है कि इस साल अल नीनो का प्रभाव रहने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। गिरीश महाजन ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मंत्री ने क्या बताया?
मंत्री गिरीश महाजन ने बताया है कि राज्य में जलाशयों का पानी निर्माण कार्यों, उद्योगों और खेती के लिए देने पर रोक लगाई गई है ताकि पेयजल संकट की स्थिति न बने। उन्होंने बताया है कि जो किसान अपने कुओं के पानी का अत्यधिक उपयोग करते थे, उन्हें भी पानी की बचत करने के निर्देश दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के कनेक्शन तक काटे गए हैं।
सफाई का विशेष अभियान जारी
मंत्री गिरीश महाजन ने बताया है कि सरकार द्वारा राज्य के कई शहरों में नालों और नदियों की सफाई का विशेष अभियान चलवाया जा रहा है। इसके साथ ही जलधाराओं की चौड़ाई बढ़ाने, गहरीकरण करने और उनमें जमा गाद व कचरा निकालने का काम किया जा रहा है। सरकार के इस कदम का मकसद है कि अधिक से अधिक पानी का संरक्षण किया जा सके।
मंत्री ने किसानों और जनता से की अपील
मंत्री गिरीश महाजन ने राज्य के किसानों से अपील की है कि जब तक कम से कम 100 मिमी बारिश नहीं हो जाती, तब तक बुवाई की शुरुआत न करें। प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही खेती की शुरुआत करें, अन्यथा फसलों को नुकसान होने की आशंका है। गिरीश महाजन ने आगे ये भी कहा कि राज्य सरकार संभावित जल संकट से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी पानी बचाने और जल संरक्षण के प्रयासों में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की है।
आपको बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी जल संकट को देखते हुए कई कड़े कदम उठाए थे। आगे पढ़ें उससे जुड़ी खबरें-:
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